चीन ने बदली नीति, 31 दिसंबर तक बिना वीजा 30 दिन तक रह सकेंगे ब्रिटेन और कनाडा के लोग
बीजिंग। चीन ने ब्रिटेन और कनाडा के लोगों के लिए अपने वीजा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि बॉर्डर पार यात्रा को और आसान बनाने के लिए 17 फरवरी से कनाडा और ब्रिटेन के आम पासपोर्ट होल्डर्स के लिए अपनी वीजा फ्री नीति बढ़ाने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के आम पासपोर्ट होल्डर्स को बिजनेस, टूरिज्म, परिवार/दोस्तों से मिलने, एक्सचेंज और ट्रांजिट के मकसद से चीन में आने और 30 दिनों तक रहने के लिए वीजा से छूट दी जा सकती है।
ये भी पढ़ें बेटियों के हाथ होंगे पीले, सरकार देगी 20 हजार: शामली में शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन शुरूयह नीति 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने जनवरी में बीजिंग का दौरा किया था। उनका मकसद चीन के साथ संबंधों को मजबूत करना और अमेरिका के लगातार बदलते हालात से अलग हटना था। दोनों नेताओं की राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद ही चीन की तरफ से यह बड़ा फैसला सामने आया है। बदलते ग्लोबल ऑर्डर के बीच यह फैसला मायने रखता है। दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे चीन के बड़े नेताओं के साथ मीटिंग के बाद हुई तरक्की की सराहना की थी, जिसमें उनके नागरिकों के लिए चीन में वीजा-फ्री एक्सेस जैसे मुद्दे भी शामिल थे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर जब चीन के दौरे पर पहुंचे थे, तो उन्हें और उनकी टीम को बर्नर फोन और नए सिम कार्ड दिए गए।
एक रिपोर्ट में कहा गया कि वे डिवाइस में स्पाइवेयर लोड होने या ब्रिटिश सरकार के सर्वर को हैक होने से रोकने के लिए टेम्पररी ईमेल एड्रेस का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इस संबंध में ब्रिटेन के जाने-माने अखबार 'द गार्डियन' की एक रिपोर्ट में कहा गया, "ऐसे तरीकों का इस्तेमाल सुनने में भले ही ड्रामा लगे, लेकिन डिजिटल जासूसी और सूचना सुरक्षा के जमाने में ये आम बात है। उदाहरण के लिए, नंबर 10 कुछ विदेश यात्राओं पर बर्नर फोन का रेगुलर इस्तेमाल करते हैं, जैसे 2024 में ब्राजील में जी20 समिट और 2025 में साउथ अफ्रीका में। चीन की यात्राओं के लिए ये सावधानियां कम से कम एक दशक से आम हैं। ऐसी उम्मीद है कि बीजिंग चुपके से सुनेगा और नजर रखेगा।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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