मुज़फ्फरनगर में आईजीएल की कारस्तानी- तुम सड़क बनाओ और हम उखाड़ेंगे, साकेत की सड़क बनते ही तोडना शुरू !
मुजफ्फरनगर। शहर की पॉश कॉलोनी साकेत की मेन सड़क करीब दो साल बाद काफी मन्नतों के बाद बन पाई है, मगर आईजीएल कंपनी द्वारा घरों में गैस की फिटिंग करने के लिए फिर से खुदाई शुरू कर दी गई है। साकेत कॉलोनी की मैन सड़क पर करीब चार फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए […]
मुजफ्फरनगर। शहर की पॉश कॉलोनी साकेत की मेन सड़क करीब दो साल बाद काफी मन्नतों के बाद बन पाई है, मगर आईजीएल कंपनी द्वारा घरों में गैस की फिटिंग करने के लिए फिर से खुदाई शुरू कर दी गई है।
साकेत कॉलोनी की मैन सड़क पर करीब चार फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे कॉलोनीवासियों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही एक बार फिर सड़क को गड्ढों में तब्दील करने के लिए आईजीएल कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है।
साकेत कॉलोनी कि मैन सड़क करीब एक माह पूर्व ही लाखों रुपए की लागत से बनाई गई थी। आईजीएल कम्पनी द्वारा शहर की अधिकतर सड़क की हालत बद से बदतर करके छोड़ दिया गया।
साकेत कॉलोनीवासी आशीष का कहना है कि हमारी कॉलोनी की सड़क करीब डेढ़ साल तक खस्ता हालत में पड़ी रही, तब इन लोगों को गैस पाइप लाइन दबाने के लिए समय नहीं मिला। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने एवं मिन्नतें करने के बाद लाखों रुपए की कीमत से बनी सड़क को फिर से उखाडऩे के लिए आईजीएल कंपनी द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस तरह से राजस्व की हानि होती है। उनका कहना है कि एक बार ही सभी कार्य करने के बाद सड़क

बनानी चाहिए, ताकि कॉलोनीवासियों को भी कोई परेशानी न हो पाए और कार्य करने वालों को भी बार-बार परेशान ना होना पड़े।
उन्होंने कहा कि इस तरह से केवल परेशानी बढ़ती है, इसके अलावा कुछ नहीं। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में जनता का रुपया केवल ठेकेदारों की तिजोरी में जमा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जो कार्य एक बार में हो सकता है उसे बार-बार करने से केवल राजस्व की हानि एवं आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता है।
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