मुजफ्फरनगर: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में वैश्य समाज का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। (रॉयल बुलेटिन ब्यूरो)। पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों और हिंसा की आग अब जनपद मुजफ्फरनगर की सड़कों तक पहुँच गई है। संयुक्त वैश्य अग्रवाल महासभा के बैनर तले समाज के प्रबुद्धजनों ने इस वैश्विक मुद्दे पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। महासभा ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को अविलंब वापस भेजने की पुरजोर मांग उठाई गई है।
भारत सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील प्रदर्शन के उपरांत डीएम कार्यालय पर सौंपे गए ज्ञापन में महासभा ने भारत सरकार से प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें कहा गया है कि बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की जान-माल की रक्षा के लिए केंद्र सरकार तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप करे। साथ ही, भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तमाम व्यापारिक व कूटनीतिक संबंधों पर पुनर्विचार किया जाए। महासभा ने यह भी मांग उठाई कि भारत के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें सीमा पार भेजा जाए।
जिले के दिग्गज नेता रहे मौजूद मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर हुए इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से महासभा के अध्यक्ष संजय मित्तल, दिनेश बंसल, अनिल तायल, विश्वदीप गोयल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, प्रमोद मित्तल, सुरेन्द्र अग्रवाल, श्रीमोहन तायल, पवन बंसल, सचिन अग्रवाल और सुनील तायल समेत वैश्य समाज के दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो मुजफ्फरनगर से शुरू हुई यह आवाज पूरे देश में गूँजेगी।
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