'सरके चुनर' पर भड़का राष्ट्रीय महिला आयोग, नोरा फतेही-संजय दत्त और फिल्म निर्देशक को भेजा समन

मुंबई। अपकमिंग फिल्म केडी: द डेविल का आइटम नंबर 'सरके चुनर तेरी सरके' गानों को लेकर विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर संसद तक पहुंच चुका है। गाने के हिंदी वर्जन को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है, लेकिन अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला एवं बाल कल्याण अधिनियम, 1990 के तहत अश्लीलता और अभद्रता के आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर "सरके चुनर तेरी सरके" गाने और फिल्म से जुड़े भी लोगों पर कार्रवाई करने की जानकारी दी है। आयोग की तरफ से लिखा गया, प्रथम दृष्टया गीत की सामग्री यौन उत्तेजक, आपत्तिजनक और भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और पीओसीएसओ अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन प्रतीत होती है।
आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है और अभिनेत्री नोरा फतेही, रकीब आलम, अभिनेता संजय दत्त, वेंकट के. नारायण (निर्माता, केवीएन समूह) और निर्देशक को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने जानकारी दी कि सभी को 24 मार्च को सभी संबंधित दस्तावेज के साथ दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर उपस्थित होने के लिए कहा है। उपस्थित न होने पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सकती है। 'सरके चुनर तेरी सरके' गाना अपने अश्लील लिरिक्स की वजह से आलोचना का सामना कर रहा है।
मामले पर ट्रोलिंग होने पर नोरा का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि हिंदी में गाना इतना बुरा होने वाला है, क्योंकि सॉन्ग को कन्नड़ में शूट किया गया था। हिंदी वर्जन सॉन्ग को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। अभिनेत्री ने यह भी साफ कर दिया कि वो गाने का प्रचार नहीं करने वाली हैं। इससे पहले संसद में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ किया कि कलात्मकता और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसे गानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गाने को पहले ही बैन कर दिया गया है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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