दिल्ली में बड़ी सियासी हलचल: पीएम मोदी से मिले वरुण गांधी, बदला-बदला दिखा अंदाज

नई दिल्ली। भाजपा नेता वरुण गांधी ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात को उन्होंने बेहद खास बताते हुए कहा कि यह उनके लिए 'सौभाग्य' की बात है और इससे उनका यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि प्रधानमंत्री देश और जनता के सच्चे 'संरक्षक' हैं। मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, "मुझे अपने परिवार के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उनका आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और नेतृत्व की भी सराहना की। वरुण गांधी ने कहा, "आपके आभामंडल में पिता समान स्नेह और संरक्षण का भाव है। आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।"
वरुण गांधी देश के चर्चित नेहरू-गांधी परिवार से संबंध रखते हैं। वह मेनका गांधी और दिवंगत संजय गांधी के बेटे हैं। संजय गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे। राजनीतिक सफर की बात करें तो वरुण गांधी भारतीय जनता पार्टी में एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं और पार्टी के भीतर लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी मां मेनका गांधी ने संजय गांधी की 1980 में विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के अन्य सदस्यों से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी का रुख किया था।
बाद में वर्ष 2004 में उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा जॉइन की और अपने बेटे वरुण गांधी के साथ पार्टी में अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाया। उस समय वरुण गांधी ने भी भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले को देशहित में बताया था। उन्होंने कहा था कि मैं मानता हूं कि भाजपा को मजबूत करना और उसमें शामिल होना देश के हित में है, इसलिए मैंने यह फैसला लिया। इसके बाद वरुण गांधी ने पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई और साल 2012 में उन्हें भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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