मोटे अनाज के लाभ बता किसानों को रिझाएगी योगी सरकार, होटल और रेस्तरां में जल्द मिलेंगे इनसे बने पकवान
मीरजापुर। मोटे अनाज के उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने के लिए कृषि सूचना तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही कृषक जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, ताकि मोटे अनाज के उत्पादन और उत्पाद बनाने की तरफ किसानों व उत्पाद निर्माताओं का रुझान बढ़े। अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 में कृषि विभाग की ओर से मोटे […]
मीरजापुर। मोटे अनाज के उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने के लिए कृषि सूचना तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही कृषक जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, ताकि मोटे अनाज के उत्पादन और उत्पाद बनाने की तरफ किसानों व उत्पाद निर्माताओं का रुझान बढ़े।
अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 में कृषि विभाग की ओर से मोटे अनाज के लाभ के बारे में किसानों को बताने के साथ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गोष्ठी के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना भी तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष-2023 में मोटे अनाज हर आम एवं खास की थाली का हिस्सा बनें। ऐसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच रही है। मोटे अनाज बाजरा, रागी, ज्वार, सावां, कोदो आदि के उत्पादन को लेकर किसानों को जागरूक किया जाएगा। यही नहीं, मोटे अनाज के प्रोत्साहन के लिए सरकार की नीति को किसानों और जनता के बीच रखा जाएगा। सरकार किसानों को मोटे अनाज का अधिक उत्पादन करने के लिए सब्सिडी देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत बाजरा के हाइब्रिड पर 50 प्रतिशत अनुदान है। इस बार मिनी किट भी बांटा जाएगा। मोटे अनाज के उत्पादन के लिए एफपीओ के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक डॉ अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि जनपद में मोटे अनाज के उत्पादन के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्तिथियां हैं। ऐसे में उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर कई प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2024 में मोटे अनाज की बयार बहेगी।
2450 हेक्टेयर में ज्वार तो 7350 हेक्टेयर में बाजरा की होती है खेती
जनपद सलाहकार डॉ सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के विकास खंड छानबे, कोन, मझवां, पहाड़ी, सीटी, सीखड़, नारायनपुर व जमालपुर में ज्वार व बाजरा की पैदावार की जा रही है। ज्वार की खेती का क्षेत्रफल 2450 हेक्टेयर तो बाजरा की खेती का क्षेत्रफल 7350 हेक्टेयर है। अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 में इन फसलों का क्षेत्रफल व उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही कोदो, मड़ुवा, झिंगोरा व चेना की बुवाई के लिए भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। मोटे अनाज में बाजरा, ज्वार, रागी, सांवा, कोदो, कुटकी, चेना व कांगनी आते हैं।
मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ ब्रांडिंग पर भी फोकस
योगी सरकार का मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनके उत्पादों की ब्रांडिंग पर भी फोकस है। मिलेट्स से बने पकवान और डिशेज को होटल और रेस्तरां के मीनू में भी शामिल करने पर विमर्श किया जाएगा। मोटे अनाजों की बिक्री सुलभ हो, इसके लिए मंडियों में अलग से मिलेट्स आउटलेट्स खुलेंगे। इससे किसानों की अच्छी कमाई होगी।
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