शेयर बाजार में अगले सप्ताह खुलेंगे चार नए आईपीओ, चार कंपनियों की होगी लिस्टिंग
नई दिल्ली। सोमवार यानी नौ मार्च से शुरू होने वाले कारोबारी सप्ताह के दौरान प्राइमरी मार्केट में चार कंपनियां अपने आईपीओ लॉन्च कर रही हैं। इनमें से तीन कंपनियों के आईपीओ मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं, जबकि एक आईपीओ एसएमई सेगमेंट का है। इन नई लॉन्चिंग के अलावा पिछले सप्ताह सब्सक्रिप्शन के लिए खुले दो आईपीओ में भी इस सप्ताह निवेशक बोली लगा सकेंगे। जहां तक नई लिस्टिंग की बात है, तो इस सप्ताह चार कंपनियां स्टॉक मार्केट में एंट्री करने वाली हैं। इनमें एक कंपनी मेनबोर्ड सेगमेंट की है।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन नौ मार्च को राजपुताना स्टेनलेस का 254.98 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। इस इश्यू में 11 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 116 रुपये से लेकर 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 110 शेयर का है। आईपीओ की क्लोजिंग के बाद 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है।
ये भी पढ़ें खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में हुए प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंध हटे, जनजीवन सामान्यइसके अगले दिन दस मार्च को इनोविजन लिमिटेड का 322.84 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। इस इश्यू में 12 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 521 रुपये से लेकर 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 27 शेयर का है। आईपीओ की क्लोजिंग के बाद 17 मार्च को बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है।
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन 11 मार्च को एपसिस एयरोकॉम का 35.77 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। इस इश्यू में 13 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 104 रुपये से लेकर 110 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। आईपीओ की क्लोजिंग के बाद 18 मार्च को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है।
इसी दिन राजमार्ग इंफ्रा इनवेस्टमेंट ट्रस्ट का 6,000 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। इस इश्यू में भी 13 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 99 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। आर्ईपीओ में बोली लगाने के लिए फिलहाल लॉट साइज का ऐलान नहीं किया गया है। आईपीओ की क्लोजिंग के बाद 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है।
इन नए आईपीओ के अलावा पिछले सप्ताह पांच मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुले एल्फिन एग्रो इंडिया के 25.03 करोड़ रुपये के आईपीओ में नौ मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 47 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 3,000 शेयर का है। आईपीओ की क्लोजिंग के बाद 12 मार्च को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। इस आईपीओ को अभी तक सौ प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका है।
इसी तरह पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन छह मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुले श्रीनिबास प्रधान कंस्ट्रक्शंस के 20.23 करोड़ रुपये के आईपीओ में 10 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। आईपीओ में बोली लगाने के लिए 91 रुपये से लेकर 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। आईपीओ की क्लोजिंग के बाद 13 मार्च को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। इस आईपीओ को अभी तक सिर्फ नौ प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।
जहां तक शेयर बाजार में लिस्टिंग की बात है, तो इस सप्ताह के पहले दिन नौ मार्च को ही एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर एसटेक ई-कॉमर्स के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। इसके बाद 11 मार्च को मेनबोर्ड सेगमेंट की कंपनी सेडेमैक मैकेट्रॉनिक्स के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग के जरिये स्टॉक मार्केट में अपने कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अगले दिन 12 मार्च को एल्फिन एग्रो इंडिया के शेयर बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 13 मार्च को श्रीनिबास प्रधान कंस्ट्रक्शंस के शेयर एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होकर स्टॉक मार्केट में एंट्री कर सकते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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