हाईकाेर्ट ने एएमयू के कुलपति को दिया निर्देश, आरएस कांट्रेक्टर की बैंक गारंटी नकदीकरण 11 मार्च तक न कराएं
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति व अन्य को निर्देश दिया है कि वह आरएस कांट्रेक्टर्स की बैंक गारंटी का नकदीकरण 11 मार्च 2026 तक न कराएं। न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की एकलपीठ ने यह निर्देश देते हुए आरएस कांट्रेक्टर्स की याचिका निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने आर्बिट्रेटर को भी यह निर्देश दिया है कि वह आवेदन पर मंगलवार 10 मार्च को उचित आदेश पारित करे।
याची के अधिवक्ता ने कहा कि बैंक गारंटी नकदीकरण करने से रोकने के लिए आर्बिट्रेटर के सामने आवेदन दायर किया गया है, लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। आर्बिट्रेटर ने मामले की सुनवाई 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसके खिलाफ कॉमर्शियल कोर्ट में अपील दायर की है, लेकिन कॉमर्शियल कोर्ट 13 मार्च तक अवकाश पर है। प्रतिवादी बैंक गारंटी नकदीकरण करने के लिए दबाव डाल रहे हैं, जबकि आर्बिट्रेटर या कॉमर्शियल कोर्ट से कोई आदेश नहीं आया है। जिस पर कोर्ट ने जमाराशि का नकदीकरण करने से रोक दिया है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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