हत्या के प्रयास के मामले में तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
बुलंदशहर । उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जनपद में एक अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 21-21 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक संजीव कुमार ने सोमवार को बताया कि अभियुक्त आकिल , शाहरुख तथा साजिद , निवासीगण मोहल्ला खीरखानी थाना खुर्जा नगर जनपद बुलन्दशहर ने वर्ष 2019 में शौकीन निवासी मोहल्ला खीरखानी के पुत्र पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया था।
इस संबंध में 24 जुलाई 2019 को थाना खुर्जा देहात में मुकदमा अपराध धारा 307 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त बरामदगी के संबंध में मुकदमा अपराध संख्या 197/2019, 198/2019 एवं 199/2019 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले पंजीकृत किये गये थे। पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर 01 सितम्बर 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित अभियान ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत चिन्हित किया गया था, जिसके तहत मॉनिटरिंग सेल बुलन्दशहर द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी कराई गई।
ये भी पढ़ें मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, 91.84 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा ब्रेंट क्रूड
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों के बयान दर्ज किये गये। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश दिलीप कुमार साचन (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खुर्जा) ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कारावास तथा 21-21 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां