गाजियाबाद में हिंदु संगठनों ने जलाया स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला, जताई नाराजगी

गाजियाबाद। स्वामी प्रसाद मौर्य के द्वारा रामचरितमानस पर की गई टिप्पणी के बाद विरोध बढ़ता जा रहा है। जिसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की चौपाइयों की लिखी प्रतियां जलाई गई। इन प्रतियों को जलाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हिंदू संगठनों का कहना है कि इससे करोड़ों […]
गाजियाबाद। स्वामी प्रसाद मौर्य के द्वारा रामचरितमानस पर की गई टिप्पणी के बाद विरोध बढ़ता जा रहा है। जिसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की चौपाइयों की लिखी प्रतियां जलाई गई। इन प्रतियों को जलाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
हिंदू संगठनों का कहना है कि इससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। इसी संबंध में सोमवार को तमाम हिंदू संगठन और सड़क पर उतर आए हैं। गाजियाबाद में भी पुराने बस स्टैंड चौराहे पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए जिन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन करने वाले हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने कहा कि जिस तरह से स्वामी प्रसाद मौर्य के लोगों के द्वारा श्रीरामचरितमानस ग्रंथ में लिखी चौपाइयों की प्रतियां जलाई गई है उससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को बड़ी ठेस पहुंची है हिंदू इससे बेहद आहत हुए हैं। लेकिन अब हिंदू धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से स्वामी प्रसाद मौर्य हिंदू विरोधी बयान दे रहे हैं और हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ पर उंगली उठा रहे हैं उसके बावजूद भी समाजवादी पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। इसका मतलब साफ जाहिर होता है कि समाजवादी पार्टी को हिंदुओं की वोट की आवश्यकता नहीं हैं। लेकिन समाजवादी पार्टी की यह बड़ी भूल है इसका खामियाजा उन्हें 2024 के चुनाव में फिर से उठाना पड़ेगा।
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