गाजियाबाद: साहिबाबाद में खुले नाले ने ली 'परम' की परीक्षा, नगर निगम की लापरवाही से फिर टला बड़ा हादसा
गाजियाबाद। नगर निगम के दावों की पोल एक बार फिर उस समय खुल गई जब साहिबाबाद के साइट-4 इलाके में एक राहगीर खुले नाले में जा गिरा। सड़कों के किनारे असुरक्षित और खुले छोड़े गए नाले अब आम जनता के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते फायर ब्रिगेड को सूचना मिल गई, जिससे एक व्यक्ति की जान बचा ली गई।
मौत के नाले में फंसा युवक, फायर ब्रिगेड ने निकाला बाहर
घटना गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 साहिबाबाद की है। यहाँ पैदल चल रहे परम पटेल अचानक गहरे और खुले नाले में गिर गए। नाला गहरा होने और कीचड़ की वजह से वह उसमें बुरी तरह फंस गए। मामले की जानकारी मिलते ही फायर स्टेशन वैशाली से डिजास्टर वैन और रेस्क्यू यूनिट तत्काल मौके पर पहुंची।
कड़ी मशक्कत के बाद हुआ रेस्क्यू
फायर यूनिट ने बिना एक पल गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद यूनिट ने परम पटेल को सुरक्षित नाले से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद युवक ने राहत की सांस ली, हालांकि अचानक हुई इस घटना से वह काफी सहमा हुआ था। स्थानीय लोगों ने फायर सर्विस की मुस्तैदी की सराहना की है।
सड़कों पर 'खुली मौत', जिम्मेदार कौन?
इस हादसे ने एक बार फिर नगर निगम के उन दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें मानसून और सामान्य दिनों के लिए नालों को ढंकने की बात कही जाती है। साहिबाबाद और वैशाली जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों के किनारे खुले पड़े नाले हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद इन नालों पर स्लैब नहीं डाले गए हैं, जिससे आए दिन राहगीर और मवेशी इनमें गिरते रहते हैं।
स्थानीय लोगों में भारी रोष
साइट-4 के व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहाँ रात के समय अंधेरा रहता है और खुले नाले दिखाई नहीं देते। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम जल्द से जल्द इन खुले नालों को कवर करे, वरना भविष्य में कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता है।
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