गाजियाबाद नगर निगम बोर्ड बैठक: हाउस टैक्स में 77 से 92 प्रतिशत की भारी छूट, शहरवासियों को मिली बड़ी राहत
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में हाउस टैक्स को लेकर चल रहे विवाद और असमंजस पर विराम लगाते हुए महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जनता को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों को ध्यान में रखते हुए सदन ने करदाताओं को सतहत्तर प्रतिशत से लेकर बानवे प्रतिशत तक की छूट देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
महापौर ने बताया कि भवनों की उम्र के आधार पर टैक्स में रियायत दी जाएगी जिसका प्रावधान अधिनियम में पारित कर दिया गया है। इसके तहत दस साल तक पुराने आवासीय भवनों को पच्चीस प्रतिशत, दस से बीस साल पुराने भवनों को साढ़े बत्तीस प्रतिशत और बीस साल से अधिक पुराने भवनों पर चालीस प्रतिशत की छूट करदाताओं को दी जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान करने पर दो प्रतिशत और कचरा पृथक्करण करने वाले घरों को दस प्रतिशत की अतिरिक्त छूट एक अप्रैल से मिलना शुरू हो जाएगी।
सदन में यह भी बड़ा फैसला लिया गया कि अब निगम कवर्ड एरिया के बजाय कारपेट एरिया पर हाउस टैक्स की गणना करेगा जिससे करदाताओं को सीधे तौर पर बीस प्रतिशत कम क्षेत्रफल पर टैक्स देना होगा। समय पर भुगतान के लिए दी जाने वाली बीस प्रतिशत की छूट को भी इकतीस मार्च दो हजार छब्बीस तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
बढ़ी हुई दरों पर पुनः विचार करने के लिए महापौर और नगर आयुक्त शासन को प्रस्ताव भेजेंगे और वार्ता के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ लखनऊ भी जाएंगे। महापौर ने स्पष्ट किया कि शासन से प्राप्त होने वाले निर्देशों के क्रम में वर्तमान में जमा होने वाले हाउस टैक्स को भविष्य में एडजस्ट किया जाएगा। जहाँ आवासीय भवनों को बड़ी राहत मिली है, वहीं व्यावसायिक संपत्तियों पर छूट न मिलने से विरोध के स्वर भी उठे। भाजपा पार्षद नीरज गोयल ने सदन में कहा कि रेजिडेंशियल पर छूट मिल रही है लेकिन कमर्शियल जगह पर कोई राहत नहीं दी गई है जिसका व्यापारी और पार्षद लगातार विरोध कर रहे हैं।
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