यूपी बनेगा 'गोसंरक्षण मॉडल स्टेट', आईटीआई इंजीनियर लगाएंगे 300 बायोगैस प्लांट
युवा शक्ति और तकनीक का संगम: यूपी में गोसंरक्षण को मिलेगी नई दिशा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब देश का आधुनिक टेक्नोलॉजी बेस्ड गोसंरक्षण मॉडल स्टेट बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर गो-अर्थव्यवस्था' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए अब आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम ने कमान संभाल ली है। इस पहल के तहत प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं को बायोगैस प्लांट के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को अब आधुनिक तकनीक की शक्ति मिलेगी। योगी सरकार ने आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और उनकी टीम के सहयोग से अब उत्तर प्रदेश की 300 से अधिक गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इस अनूठी पहल के नायक बने हैं आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र यशराज गुप्ता ने एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी के दो करोड़ रुपये के सालाना पैकेज को छोड़कर ग्रामीण भारत की सेवा का मार्ग चुना है। यशराज और उनकी टीम ने शनिवार को जालौन में गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों के साथ मिलकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रणनीति तैयार की। उनका मानना है कि गो-आधारित अर्थव्यवस्था भारतीय परंपरा और स्थायी विकास का सबसे सशक्त माध्यम है।
जालौन से होगी शुरुआत, पूरे प्रदेश में होगा विस्तार
परियोजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जालौन जिले से की जा रही है। इन बायोगैस प्लांट्स के माध्यम से गोबर और गोमूत्र का वैज्ञानिक उपयोग कर बायो-सीएनजी, जैविक खाद और बिजली का उत्पादन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में गोशालाएं केवल पशु संरक्षण का केंद्र न रहकर ऊर्जा और जैविक खाद उत्पादन का आधुनिक हब बनें। यह स्टार्टअप मॉडल न केवल पर्यावरण के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक क्रांति की नींव रखेगा।
रोजगार के अवसर होंगे पैदा
गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को अब आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इस पहल के तहत पंचगव्य का औद्योगिक उपयोग: पंचगव्य (गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी जैसे पंचगव्य के औद्योगिक उपयोग की वैल्यू चेन तैयार कर बाजार में ब्रांडिंग की जाएगी। इससे गांवों में युवाओं के लिए आजीविका के नए द्वार खुलेंगे और किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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