गाजियाबाद: कफ सिरप माफिया पर पुलिस का चाबुक, 13 करोड़ की संपत्ति सीज और अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच, स्वॉट टीम और नंदग्राम पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर करोड़ों रुपये के नशीले कफ सिरप की खेप बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने सहारनपुर निवासी मुख्य सरगना विभोर राणा और विशाल सिंह सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
चूने के बोरों में छिपाकर हो रही थी तस्करी
ये भी पढ़ें जाइडस की वाइस चेयरपर्सन मेहा पटेल ने महिलाओं से की अपील, 'दो हाथ, तीन मिनट और एक आसान परीक्षा'तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का बेहद शातिर तरीका अपनाया था। पुलिस ने चार ट्रकों को पकड़ा, जिनमें चूने के बोरों के नीचे छिपाकर कोडीन युक्त कफ सिरप की 1150 पेटियां रखी गई थीं। बरामदगी में 'Eskuf' और 'Phensedyl' ब्रांड की करीब 15 लाख 73 हजार से अधिक शीशियां मिली हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा एक क्रेटा कार, 20 लाख रुपये की नगदी, लैपटॉप और कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
करोड़ों की अवैध संपत्ति पर पुलिस का कब्जा
ये भी पढ़ें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में वैकेंसी, 45 से 65 साल के उम्मीदवार 13 मार्च से पहले करें आवेदनजांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी कंपनियों के नाम पर इस काले कारोबार को फैलाया और उससे करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा किया। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की करीब 12 करोड़ 55 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज (सीज) कर दिया है। पुलिस का मानना है कि यह संपत्ति पूरी तरह से तस्करी के जरिए कमाए गए धन से बनाई गई थी।
फर्जी कंपनियों के जरिए फैलाया जाल
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में नशीले कफ सिरप की सप्लाई करता था। फर्जी फर्मों के कागजात तैयार कर वे दवाओं की आड़ में नशे की खेप एक राज्य से दूसरे राज्य भेजते थे। गाजियाबाद पुलिस अब इस गिरोह के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स की तलाश कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोश चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
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