राज्यसभा के उपसभापति 12 सदस्यों के व्यवहार से खफा,विशेषाधिकार समिति को भेजे मामले

नई दिल्ली| राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को उच्च सदन के 12 सदस्यों द्वारा सभापति के निर्देशों का पालन न करने और नियम 267 के तहत एक जैसे नोटिस बार-बार देने संबंधी विशेषाधिकार हनन के मामले जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजे। राज्यसभा के एक बुलेटिन में कहा गया है, “सदस्यों को […]
नई दिल्ली| राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को उच्च सदन के 12 सदस्यों द्वारा सभापति के निर्देशों का पालन न करने और नियम 267 के तहत एक जैसे नोटिस बार-बार देने संबंधी विशेषाधिकार हनन के मामले जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजे।
राज्यसभा के एक बुलेटिन में कहा गया है, “सदस्यों को सूचित किया जाता है कि राज्यसभा के सभापति ने नियम 267 के तहत समान नोटिस बार-बार देने और सभापति के निर्देशों का पालन न करने से उत्पन्न विशेषाधिकार के कथित हनन के मामले जांच और रिपोर्ट के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजे हैं।”
मामला बजट सत्र के दौरान कुछ सदस्यों के कथित आचरण से जुड़ा है।
राज्यसभा ने सदस्यों द्वारा प्रदर्शित घोर अव्यवस्थित आचरण के कारण विशेषाधिकार के कथित हनन के प्रश्न को संदर्भित किया है।
सदस्यों में संजय सिंह, शक्तिसिंह गोहिल, सुशील कुमार गुप्ता, संदीप कुमार पाठक, नारनभाई जे. राठवा, सैयद नासिर हुसैन, कुमार केतकर, इमरान प्रतापगढ़ी, एल. हनुमंतैया, फूलो देवी नेताम, जेबी माथेर हिशम और रंजीत रंजन शामिल हैं।
कहा जाता है कि राज्यसभा में उनका आचरण उच्च सदन के नियमों और शिष्टाचार का उल्लंघन था, क्योंकि वे बार-बार वेल में घुस गए, नारे लगाए और सदन की कार्यवाही को लगातार और जानबूझकर बाधित किया।
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