जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 50 लाख की नकली सिगरेट से भरा ट्रक पकड़ा
नूहं। हरियाणा के नूंह जिले के बिछोर थाना क्षेत्र में आबकारी एवं कराधान विभाग (जीएसटी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सिगरेट से भरे एक ट्रक को जब्त किया। ट्रक से करीब 86 हजार सिगरेट स्टिक बरामद हुई, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपए बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को पुलिस चेक पोस्ट बिछोर के पास एक ट्रक को आबकारी विभाग नूंह मेवात द्वारा रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक में गोल्ड फ्लेक ब्रांड नाम से सिगरेट की बड़ी खेप बरामद हुई। पैकेटों में करीब 86,000 सिगरेट थीं। शुरुआती जांच में यह खेप बिना किसी वैध बिल, ई-वे बिल या परिवहन दस्तावेज के पाई गई, जिससे माल की वैधता पर संदेह गहरा गया। इस पर कंपनी से संपर्क किया गया। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि प्रियोजीत चटर्जी ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि जब्त सिगरेट उनके द्वारा निर्मित नहीं हैं और प्रथम दृष्टया नकली प्रतीत होती हैं।
कंपनी के प्रतिनिधि प्रियोजीत चटर्जी ने लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था। कंपनी के अनुसार, गोल्ड फ्लेक उसका पंजीकृत ट्रेडमार्क है और नकली उत्पाद का निर्माण, भंडारण व वितरण कानूनन अपराध है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वाहन कथित रूप से अरुणाचलेस्वर ट्रांसपोर्ट कंपनी से संबंधित बताया गया है, जिसका मुख्य कार्यालय आंध्र प्रदेश के गुंटूर में है तथा एक जोनल कार्यालय विजयवाड़ा में स्थित है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। मामले में सोमवार को बिछोर थाना पुलिस ने भारतीय न्यायसंहिता की विभिन्न धाराओं के साथ सिगरेट एवं अन्य टोबैको वस्तु अधिनियम, ट्रेडमार्क्स अधिनियम, और कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
बिछोर थाने के सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि आबकारी विभाग की एक कार्रवाई थी, जिन्होंने संबंधित कंपनी को सूचना दी थी। कंपनी की ओर से अब शिकायत मिली है। अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। बरामद माल की कीमत लगभग 50 लाख रुपए आंकी गई है। डीएसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि सिगरेट कहां से आई थी, इसमें कितने लोग शामिल हैं, ट्रक चालक कौन था, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जल्दी कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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