रोहित शेट्टी फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, आरोपियों को 3 लाख रुपए का दिया गया लालच
मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में अब यह बात सामने आई है कि इस हमले में शामिल मुख्य चार आरोपियों को कुल तीन लाख रुपए का लालच दिया गया था। वहीं, फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी दीपक चंद्रा को खर्च और तैयारी के लिए 50 हजार रुपए एडवांस के तौर पर दिए गए थे। क्राइम ब्रांच के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इलाके में अपनी पहचान बनाने, डर का माहौल कायम करने और जल्दी अमीर बनने के लालच में इस गैंग से जुड़ने का फैसला किया।
ये भी पढ़ें सूजन की शिकायत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान, शूटिंग छोड़ पिता को देखने पहुंचे सलमान खानयही लालच धीरे-धीरे उन्हें एक बड़े अपराध की ओर ले गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य शूटर दीपक चंद्रा को जब इस काम के लिए तैयार किया गया, तब उसे पहले ही बता दिया गया था कि अगर मिशन पूरा हुआ तो मोटी रकम मिलेगी। शुरुआती खर्चों, आने-जाने और ठहरने के लिए उसे 50 हजार रुपए नकद दिए गए। बाकी आरोपियों को मोटी रकम का लालच दिया गया। यह मामला एक फरवरी की रात का है, जब रोहित शेट्टी के घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब तक मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात से पहले कई बार रोहित शेट्टी के घर की रेकी की थी।
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फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से मुंबई से बाहर निकल गए थे। आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद रखे थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रैक करने में पुलिस को वक्त लगा। मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान वह हथियार बरामद कर लिया, जिसका इस्तेमाल शूटर ने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के लिए किया था। यह पिस्तौल हरियाणा से बरामद की गई, जिसे अब फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री भेज दिया गया है। लैबोरेट्री में हथियार का बैलिस्टिक टेस्ट कराया जाएगा, ताकि वैज्ञानिक रूप से यह पुष्टि हो सके कि यही हथियार इस वारदात में इस्तेमाल हुआ था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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