बारामती प्लेन क्रैश में फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत, पिता बोले- बस बेटी का शव मिल जाए
मुंबई। बारामती में हुए प्लेन क्रैश में मुंबई के वर्ली की रहने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हो गई। बेटी के निधन पर पिता शिवकुमार माली ने कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा है कि उन्हें अपनी बेटी का शव मिल जाए ताकि वे उसका अंतिम संस्कार कर सकें।
शिवकुमार माली ने बताया कि उन्होंने इस दुखद घटना से एक दिन पहले ही अपनी बेटी से बात की थी। उन्होंने कहा कि कल उसने मुझे फोन किया और कहा कि पापा, मैं अजित पवार के साथ बारामती जा रही हूं और वहां से मैं नांदेड़ जाऊंगी।शिवकुमार माली ने कहा कि कल हमारी बस इतनी ही बात हुई थी। कुछ समय से वह अजित पवार के साथ उनकी हाल की यात्राओं में लगातार सफर कर रही थी। मैंने अपनी बेटी को खो दिया है। मुझे ठीक से नहीं पता कि क्या हुआ, क्योंकि मुझे ऐसी घटनाओं के बारे में कोई तकनीकी जानकारी नहीं है। मैं पूरी तरह टूट गया हूं। मुझे बस अपनी बेटी का शव चाहिए ताकि मैं सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कर सकूं। मेरी बस यही इच्छा है।
इस बीच, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम दिल्ली से पुणे के लिए रवाना हो गई है ताकि बारामती में हुए जानलेवा प्लेन क्रैश की जांच की जा सके, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और समेत अन्य लोगों की जान चली गई। पुणे पहुंचने के बाद टीम इस दुर्घटना की जांच शुरू करने के लिए बारामती जाएगी।फ्लाइट डिटेल्स के अनुसार, बुधवार सुबह बारामती प्लेन क्रैश में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई।इमरजेंसी सर्विस और सीनियर सुरक्षा अधिकारी बारामती में घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।लैंडिंग के दौरान विमान का कंट्रोल खोने के तुरंत बाद रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया। डीजीसीए अधिकारियों की एक टीम प्लेन क्रैश वाली जगह पर पहुंच गई है।
सूत्रों के अनुसार, अजित पवार के शव की पहचान उनकी पहनी हुई घड़ी से हुई। महाराष्ट्र पुलिस ने कहा कि बारामती प्लेन क्रैश, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई, दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विमान के टकराने की गति और कोण का पता लगाने के लिए दुर्घटनास्थल पर मलबे की जगह और स्थिति की अच्छी तरह से जांच की जाएगी और तस्वीरें ली जाएंगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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