महाराष्ट्र: शिवाजी महाराज की जयंती पर शिवनेर किले में भारी भीड़ से टूटी रेलिंग, भगदड़ के कारण कई लोग घायल
पुणे। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर गुरुवार को महाराष्ट्र के पुणे में शिवनेरी किले के अंदर रेलिंग तोड़ने से कई लोग उतर गए। बेटियाँ में बच्चे और अज्ञात जा रहे हैं। इस घटना के कारण किले में भगदड़ जैसी स्थिति का जन्म हुआ। हालाँकि, पुलिस प्रशासन ने फ्लोटिंग स्टेप्स लगाए गए दर्पणों को संभाल लिया। जानकारी के अनुसार, शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर पुणे जिले के शिवनेरी किले में गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रविवार की रात से ही किले में लोगों का आना शुरू हो गया था। इनमें पारंपरिक शिव ज्योत लेकर आने वाले लोग और अलग-अलग अनुयायियों के सदस्य शामिल हैं। इस विशाल भीड़ की वजह से परिसर के भीतर आने-जाने की जरूरी जगहें लगभग बंद हो गईं। भीड़ के भारी दबाव के कारण किले के अंदर की एक रेलिंग टूट गई। इस क्षेत्र में यूक्रेनी डेमोक्रेट का मोरक्को बन गया। बाहर की ओर बाकी में कुछ लोगों की मदद से ऊपर की ओर ले जाया गया।
बताया गया कि अंबर खाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश द्वार जैसे संकरे रास्ते में भी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों के आगे बढ़ने से धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ लोग पर्यावरण के बीच से नीचे गिर गए। पुणे के एसपी संदीप गिल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि तीन चार लोग सामान्य रूप से घायल हुए हैं। कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है। उन्होंने बताया कि शोरूम होटल बिल्कुल सामान्य हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि लोग अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन को सहयोग करें। मस्जिद के कर्मचारियों ने लोगों की मदद की और उनके अवशेषों को बाहर निकाला और उन्हें अमीरों के अस्पताल में भर्ती कराया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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