मानव जीवन का महत्व और जीवन मूल्यों के साथ सही जीवन जीने का मार्ग
मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। यह जीवन केवल शुभ कर्मों और परमपिता परमात्मा की महती कृपा से ही प्राप्त होता है। मनुष्य इस शरीर को प्राप्त कर स्वयं को देवता बना सकता है, बशर्ते वह जीवन में कुछ मूल्यों की स्थापना करे।
जो व्यक्ति इन मूल्यों के साथ जीवन यापन करता है, उसे लोग देवता की उपमा देते हैं। प्रेमपूर्ण व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के सभी के प्रति स्नेह दिखाता है। उसकी दृष्टि में कोई ऊँचा या नीचा नहीं है। वह दूसरों के दुख-सुख में स्वयं को शामिल मानता है और सभी के सुख की कामना करता है।
ऐसा व्यक्ति किसी से सहायता मांगने का इंतजार नहीं करता, बल्कि स्वयं दूसरों की मदद करने को तत्पर रहता है। इस प्रकार वह दुखियों की सेवा में परमात्मा की सेवा का आनंद अनुभव करता है।
सारांश: जीवन तभी सार्थक है जब हम दूसरों के प्रति प्रेम और सेवा की भावना के साथ, अपने कर्मों और मूल्यों के मार्ग पर चलें।
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लेखक के बारे में
"गन्ना विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रण पाल सिंह राणा बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। प्रशासनिक सेवाओं में एक लंबा और सफल कार्यकाल बिताने के साथ-साथ, पिछले 50 वर्षों से ज्योतिष, वेद और अध्यात्म के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान दी है।
श्री राणा पिछले 30 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' के माध्यम से प्रतिदिन 'अनमोल वचन' स्तंभ लिख रहे हैं, जो पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। उनके लिखे विचार न केवल ज्ञानवर्धक होते हैं, बल्कि पाठकों को जीवन की चुनौतियों के बीच सकारात्मक दिशा और मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं। प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवन से जोड़ने की उनकी कला को पाठकों द्वारा वर्षों से सराहा और पसंद किया जा रहा है।"

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