समस्त भारतीय समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और भाईचारे की सीख देने वाले 15वीं शताब्दी के महान संत और समाज सुधारक रविदास का जन्म वाराणसी के गोवर्धनपुर गांव में माध पूर्णिमा को हुआ था। संत रविदास ने जीवन पर्यंत छुआछूत, कुरीतियों और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और समाज में फैली बुराइयों को दूर करने का प्रयास किया।
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संत रविदास ने अपनी सिद्धियों और उपदेशों के माध्यम से समाज में व्याप्त पाखंड और भेदभाव का खंडन किया। उन्होंने समाज को नई दिशा दी और समानता, मानवता और भाईचारे की स्थापना की प्रेरणा दी। आज भी उनके विचार और उपदेश समाज में सद्भाव और सामाजिक न्याय का संदेश देते हैं।
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