श्रद्धा: विश्वास, निष्ठा और भक्ति से जीवन में सफलता का मार्ग
जीवन में श्रेष्ठता के प्रति अटूट विश्वास और सम्मान का भाव ही श्रद्धा है। जब हमारी यही आस्था व्यवहारिक रूप लेती है, तो वह निष्ठा कहलाती है और जब यही निष्ठा भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होती है, तो उसे श्रद्धा का नाम दिया जाता है। यह श्रद्धा ही है जो परिवार और समाज के वरिष्ठजनों के प्रति विनय, कर्तव्यबोध और छोटों के प्रति निस्वार्थ स्नेह के रूप में प्रकट होती है।
श्रद्धा का प्रभाव अत्यंत व्यापक है। जब हम श्रेष्ठ पुरुषों और आदर्शों के प्रति श्रद्धा रखते हैं, तो उनके सद्गुण हमारे लिए प्रेरणा का पुंज बन जाते हैं। श्रद्धा की शक्ति का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि जब यह दृढ़ विश्वास के साथ मिलती है, तो पत्थर की मूर्ति में भी चेतना का संचार कर देती है। आज के इस आपाधापी भरे भौतिकवादी युग में, जहाँ मानवीय संवेदनाएं कम हो रही हैं, श्रद्धा और विश्वास की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। आध्यात्मिक उन्नति के लिए तो ये दोनों तत्व अनिवार्य आधार स्तंभ हैं।
पारस्परिक संबंधों में श्रद्धा वह अदृश्य धागा है जो हमें स्नेह और सहयोग के बंधन में पिरोए रखता है। जैसे ही श्रद्धा की यह कड़ी कमजोर पड़ती है, बिखराव और विघटन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जो अंततः विनाश का कारण बनती है। यह सार्वभौमिक सिद्धांत परिवार, समाज और राष्ट्र—सभी पर समान रूप से लागू होता है।
वस्तुतः श्रद्धा केवल एक भाव नहीं, बल्कि एक अपार सामर्थ्य है। यह वह गुण है जो मनुष्य को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और शांति की ओर ले जाता है। यदि मानवीय गरिमा का कोई सबसे सुंदर आभूषण है, तो वह निस्संदेह श्रद्धा ही है।
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लेखक के बारे में
"गन्ना विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रण पाल सिंह राणा बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। प्रशासनिक सेवाओं में एक लंबा और सफल कार्यकाल बिताने के साथ-साथ, पिछले 50 वर्षों से ज्योतिष, वेद और अध्यात्म के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान दी है।
श्री राणा पिछले 30 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' के माध्यम से प्रतिदिन 'अनमोल वचन' स्तंभ लिख रहे हैं, जो पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। उनके लिखे विचार न केवल ज्ञानवर्धक होते हैं, बल्कि पाठकों को जीवन की चुनौतियों के बीच सकारात्मक दिशा और मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं। प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवन से जोड़ने की उनकी कला को पाठकों द्वारा वर्षों से सराहा और पसंद किया जा रहा है।"

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