छात्रवृत्ति आवेदन में गड़बड़ी पर सख्त हुआ पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जिम्मेदारों पर हो सकती हैं कार्रवाई
जौनपुर। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 की छात्रवृत्ति प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय की समीक्षा में पाया गया कि कुछ संबद्ध महाविद्यालयों ने स्वीकृत सीटों से अधिक छात्रवृत्ति आवेदन स्कॉलरशिप पोर्टल पर अग्रसारित कर दिए हैं।प्रशासनिक जांच में स्पष्ट हुआ कि निर्धारित सीट संख्या से अधिक आवेदन अपलोड किए जाने से वास्तविक छात्र संख्या के सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इससे पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में संबंधित महाविद्यालयों को तत्काल सभी आवेदन पत्रों की जांच कर वास्तविक नामांकन के अनुरूप संशोधन करने को कहा गया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्र हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि यदि जांच में जानबूझकर गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित महाविद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संभावित कार्रवाई में स्पष्टीकरण तलब करना, छात्रवृत्ति प्रेषण प्रक्रिया पर अस्थायी रोक, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजना शामिल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों को पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन के साथ छात्रवृत्ति प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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