राजस्व वृद्धि से मिलेगी विकास को रफ्तार, पारदर्शी कार्यप्रणाली से लक्ष्य प्राप्त करें विभाग: योगी
फरवरी तक जुटाया ₹1.96 लाख करोड़ का कर-राजस्व; होली पर अवैध शराब के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व प्राप्तियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्व में वृद्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और औद्योगिक विकास का आधार है। उन्होंने सभी विभागों को एआई और नवाचार जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हा कि विकास कार्यों की गति राजस्व संग्रह पर निर्भर करती है। विभाग टीम भावना के साथ काम करें ताकि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके। मुख्यमंत्री जी ने आबकारी विभाग को होली पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा अवैध और जहरीली शराब के किसी भी प्रकार के उत्पादन एवं बिक्री को पूर्णतः रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन की प्रगति की जानकारी लेते हुए रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की गति बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री जी ने परिवहन विभाग को परिवहन निगम की बसों की फिटनेस, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की ठोस कार्ययोजना और नए रूट चिन्हित कर निजी बस संचालकों के सहयोग से बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
होली पर विशेष सतर्कता और अवैध शराब पर रोक
मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को होली के त्योहार के मद्देनजर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहरीली और अवैध शराब की बिक्री और उत्पादन को पूरी तरह रोका जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आबकारी विभाग ने मार्च महीने में 9,050 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्ति का रोडमैप भी प्रस्तुत किया।
जीएसटी संग्रह में एआई का अहम रोल
राज्य कर विभाग ने बताया कि जीएसटी 2.0 और एआई आधारित जोखिम विश्लेषण से कर चोरी पर लगाम लगी है। लगभग 1.59 लाख करदाताओं की जांच और फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण के माध्यम से 3,117 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई है।
परिवहन और खनन में डिजिटल सुधार
परिवहन विभाग को नई बसों की फिटनेस और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। वहीं खनिकर्म विभाग ने बताया कि खनन क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग से राजस्व संग्रह सुदृढ़ हुआ है। स्टाम्प विभाग को रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण और लैंड रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
राजस्व की अद्यतन स्थिति: एक नजर में
बैठक में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर-राजस्व का वार्षिक लक्ष्य 02 लाख 95 हजार करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 01 लाख 96 हजार 177 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई है। राज्य कर (जीएसटी और वैट) का लक्ष्य 01 लाख 75 हजार 725 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 01 लाख 03 हजार 770 करोड़ रुपये का संग्रह प्राप्त हुआ है। इसमें जीएसटी के तहत 75 हजार 195 करोड़ रुपये तथा वैट के अन्तर्गत 28 हजार 575 करोड़ रुपये की प्राप्ति शामिल है। आबकारी विभाग का लक्ष्य 63,000 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 48,501 करोड़ रुपये का संग्रह मिला है।
इसी प्रकार स्टाम्प एवं पंजीकरण का लक्ष्य 38,150 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 29,487 करोड़ रुपये का संग्रह प्राप्त हुआ है। परिवहन विभाग का लक्ष्य 14,000 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 11,005 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है।इसके अलावा भूतत्व एवं खनिकर्म का लक्ष्य 6 हजार करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 3,597 करोड़ रुपये का संग्रह हासिल हुआ है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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