हेल्थ टिप्स: पीरियड्स के दौरान क्यों हो जाती है आयरन की कमी? इस तरह से करें पूर्ति

नई दिल्ली। महिलाओं में पीरियड्स या मासिक धर्म एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है। अगर इस दौरान रक्तस्राव बहुत ज्यादा हो तो यह शरीर में आयरन की कमी का बड़ा कारण बन सकता है।
ऐसे में सुस्ती, दर्द, कमजोरी और ऐंठन जैसी समस्या बढ़ सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट इस दौरान ज्यादा से ज्यादा आयरन का सेवन करने की सलाह देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट महिलाओं को सलाह देते हैं कि पीरियड्स के समय कमजोरी, थकान या चक्कर आने जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें।
समय पर सही आहार और दवाओं से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। पीरियड्स के दौरान हर महीने गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) अगर गर्भ नहीं ठहरता तो टूटकर बाहर निकलती है। यह खून के रूप में 3 से 7 दिनों तक निकल सकता है। सामान्य तौर पर 30-80 मिलीलीटर खून निकलता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह 80 मिलीलीटर से ज्यादा हो जाता है, जिसे हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग कहते हैं। ज्यादा रक्तस्राव से शरीर में आयरन तेजी से कम होता है, क्योंकि खून में आयरन बहुत मात्रा में मौजूद होता है। आयरन की कमी से खून की कमी या एनीमिया हो सकता है, जिसके लक्षणों में थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, बाल झड़ना और चेहरे का पीला पड़ना शामिल है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने पर महिलाओं को खास ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट का नियमित सेवन। ये टैबलेट डॉक्टर की सलाह से ली जाती हैं और खून में आयरन की मात्रा बढ़ाती हैं।
साथ ही, आयरन से भरपूर आहार लेना भी बहुत जरूरी है। इसमें पालक, चुकंदर, अनार, गुड़, दालें, राजमा, चना, सूखे मेवे जैसे किशमिश, खजूर, बादाम आदि को शामिल करें। साथ ही विटामिन सी आयरन को शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है, इसलिए पीरियड्स के दौरान नींबू, संतरा, आंवला, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अमरूद और टमाटर जैसे विटामिन सी से भरपूर फल खाएं। इन फलों को भोजन के साथ या बीच-बीच में लेने से आयरन का अवशोषण बढ़ता है। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि अगर पीरियड्स में रक्तस्त्राव ज्यादा हो रहा हो या थकान बहुत ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय पर इलाज और सही पोषण से एनीमिया को रोका जा सकता है।
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