फाल्गुन मास में क्यों होता है सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम? जानें क्या खाएं और क्या नहीं
नई दिल्ली। बदलती ऋतु के साथ सिर्फ मौसम में ही बदलाव नहीं आता है, बल्कि आहार में भी परिवर्तन लाना जरूरी है। 2 फरवरी से फाल्गुन मास का महीना शुरू हो चुका है, जो मार्च तक चलने वाला है। इस ऋतु में पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवा रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालती है, जिससे सर्दी, जुकाम और वायरल तेजी से फैलता है। ऐसे में बीमारी से बचने के लिए सबसे पहले आहार में परिवर्तन लाना जरूरी है।
फाल्गुन मास को आनंद और उल्लास का मास कहा जाता है, जहां पीली सरसों हर जगह लहलहाने लगती है और माहौल भी खुशी से भरा होता है। आयुर्वेद भी मानता है कि खुशनुमा मौसम में बीमारियां सबसे पहले परेशान करती हैं क्योंकि दिन के समय गर्मी और रात के समय हल्की ठंड होती है। फाल्गुन मास की शुरुआत के साथ पित्त की वृद्धि शरीर में बढ़ती है और कफ का शमन होता है। ऐसे में आहार की सहायता से शरीर को अंदर से मजबूत बनाया जा सकता है। पहले जानते हैं कि फाल्गुन मास में किन चीजों को खाने से मना किया गया है। इस मास चने को खाना वर्जित माना गया है क्योंकि होली की शुरुआत के साथ ही चने और गेहूं की बालियों को भूनकर खाया जाता है। आयुर्वेद मानता है कि चना पचाने में भारी होता है और फाल्गुन में पाचन अग्नि कम होती है। ऐसे में चना कब्ज और गैस की परेशानी पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, बासी और तामसिक भोजन से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि आध्यात्मिक दृष्टि से भी फाल्गुन का महीना महत्वपूर्ण है। महाशिवरात्रि की वजह से इस पूरे महीने को महादेव का कहा जाता है। अब जानते हैं कि क्या खाना चाहिए। फाल्गुन माह में बेर और अंगूर का सेवन शरीर के लिए लाभकारी होता है। इन दोनों के सेवन से पेट ठंडा रहता है और रक्त भी शुद्ध होता है। बेर और अंगूर मौसमी बीमारियों से शरीर की रक्षा भी करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके अलावा, इस माह में सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करना भी लाभकारी बताया गया है। प्रकृति के अनुसार ही भोजन में बदलाव करके शरीर को बिना दवा के स्वस्थ रखा जा सकता है। आहार परिवर्तन और जीवनशैली में बदलाव ही शरीर को ऊर्जा देने का काम करते है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां