ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला; तेल टैंकों में आग, सुल्तान ने ईरान को दी चेतावनी
ओमान । ओमान के सलालाह (Salalah) पोर्ट पर हुए इस ड्रोन हमले ने मिडिल-ईस्ट में तनाव को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है। यह घटना न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील है। ओमान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सलालाह पोर्ट (Salalah Port) के पास स्थित एक प्रमुख तेल स्टोरेज टर्मिनल को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, हमले के तुरंत बाद तेल के विशाल टैंकों में भीषण आग लग गई।
ये भी पढ़ें कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं; राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने प्रतिभाओं को किया सम्मानितकाले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा गया। हालांकि, ओमान के अधिकारियों ने अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन संपत्ति के भारी नुकसान की आशंका है।
सुलतान की नाराजगी: ईरानी राष्ट्रपति को किया फोन
इस हमले के तुरंत बाद ओमान के सुलतान हैथम बिन तारिक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति को फोन कर इस घटना पर अपनी गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। ओमान पारंपरिक रूप से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच एक 'मध्यस्थ' (Mediator) की भूमिका निभाता रहा है। सुलतान का सीधा फोन करना यह दर्शाता है कि ओमान इस हमले के पीछे क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली ताकतों की संलिप्तता देख रहा है। सुलतान ने स्पष्ट किया कि ओमान की संप्रभुता और आर्थिक केंद्रों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों पर हमले पहले से ही जारी हैं। सलालाह पोर्ट अरब सागर के किनारे स्थित है और यह वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है। यहाँ हमला होने का मतलब है कि अब संघर्ष का दायरा उन क्षेत्रों तक फैल रहा है जो अब तक सुरक्षित माने जाते थे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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