छोटा सा लेमन ग्रास है बड़े काम की चीज, खाने से लेकर लगाने में लाभकारी
नई दिल्ली। सदियों से उपचार के लिए आयुर्वेद में औषधीय पौधों का इस्तेमाल होता आया है, लेकिन आज के समय में वैज्ञानिक नाम देकर पुराने औषधीय पौधों और घास को बाजार में बेचा जा रहा है। हम बात कर रहे हैं लेमन ग्रास की, जिसका उपयोग सेलिब्रिटीज से लेकर फिटनेस से जुड़े लोग भी कर रहे हैं।
कुछ सालों में लेमन ग्रास का क्रेज लोगों के बीच बहुत बड़ा है, लेकिन सदियों पहले से हमारे आयुर्वेद में लेमन ग्रास का उपयोग होता आ रहा है। लेमन ग्रास एक औषधीय गुणों से भरपूर घास है, जिसका उपयोग कई तरह की बीमारियों में किया जाता है। आयुर्वेद में लेमन ग्रास को 'भूस्तृण' कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने में मदद करता है और जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से भी राहत दिलाता है।
लेमन ग्रास का स्वाद थोड़ा कड़वा और तीखा होता है, लेकिन इसकी तासीर ठंडी होती है। लेमन ग्रास का सेवन नसों को शांत करता है और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करके मस्तिष्क और शरीर के संकेतों को मजबूत करता है। इसके साथ ही लेमन ग्रास खांसी, बुखार, तपेदिक, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, आंखों की सूजन, मसूड़ों की सूजन, निमोनिया और रक्त की अशुद्धि से जुड़े विकारों में भी काम आता है। लेमनग्रास का तेल पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, मतली, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं और सिरदर्द से राहत देता है। इसके अलावा, लेमनग्रास का लेप अगर त्वचा संबंधी परेशानी में लगाया जाए तो यह दवा की तरह काम करता है। अब जानते हैं कि किन-किन तरीकों से लेमन ग्रास का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके लिए रोजाना लेमन ग्रास का ताजा जूस पिया जा सकता है, जो शरीर को टॉक्सिन से मुक्त करने में मदद करेगा और शरीर को अनगिनत लाभ देगा। दूसरा, जूस की जगह इसकी चाय बनाकर भी पी जा सकती है। अगर आपको काम के बीच कैफीन की जरूरत पड़ती है तो कैफीन की जगह लेमन ग्रास टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह स्वाद और सेहत दोनों में बेहतर है। लेमनग्रास तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं। नींद की परेशानी और तनाव को दूर करने के लिए लेमनग्रास का तेल सबसे अच्छा विकल्प है। इसे चेहरे पर या माथे पर हल्की मसाज के साथ लगा सकते हैं।
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