मुजफ्फरनगर में वार्ड 8 में विकास के दावों की खुली पोल, टूटी सड़कें और जलभराव ने छीना लोगों का चैन
मुज़फ्फरनगर। शहर के मिमलाना रोड स्थित बिजलीघर नियाजीपुरा वाली गली के निवासियों के लिए विकास एक सपना बन गया है। पिछले लंबे समय से यहाँ के लोग टूटी सड़कों और गंभीर जलभराव की समस्या के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि मोहल्ले की गलियां अब सड़कों के बजाय गंदे तालाब जैसी नजर आती हैं। कीचड़ और दुर्गंध के बीच रह रहे लोगों में अब जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है।
तालाब में तब्दील हुई मुख्य सड़कें
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में दुर्घटना में घायल बाइक सवार वृद्ध किसान की मौत,मेरठ में इलाज के दौरान तोड़ा दममोहल्ले वासियों का कहना है कि कॉलोनी की मुख्य सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। बिजली घर के पास वाली रोड की स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय है, जहाँ कई-कई फीट पानी और कीचड़ जमा है। राहगीरों और स्कूली बच्चों का यहाँ से गुजरना दूभर हो गया है, आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। गंदा पानी जमा होने से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
ये भी पढ़ें नसीरपुर कांड: कश्यप समाज में भारी आक्रोश, 14 मार्च को 'स्वाभिमान बचाओ महापंचायत' की चेतावनी'नगर पालिका से बेहतर तो प्रधानी का दौर था'
क्षेत्र के लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से यह क्षेत्र नगर पालिका सीमा के अंतर्गत आया है, तब से यहाँ विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। ग्रामीणों का दर्द छलकते हुए उन्होंने कहा कि जब यह इलाका ग्राम पंचायत के अधीन था, तब विकास के काम कम से कम जमीन पर दिखते थे। उनका मानना है कि यदि आज गांव में प्रधान होता, तो वह अब तक सड़क को पक्की करवा देता। लेकिन नगर पालिका में शामिल होने के बाद कोई भी उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
सभासद पर बेरुखी और लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय नागरिकों ने वार्ड नंबर 8 के सभासद हाजी यामीन के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि सभासद इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह बेरुखी और लापरवाही बरत रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद सभासद ने मौके का मुआयना करना या समाधान का प्रयास करना जरूरी नहीं समझा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब जनता की सुध लेने नहीं आ रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
अब कॉलोनी के लोग इस उम्मीद में जिला प्रशासन की ओर देख रहे हैं कि शायद उनकी सुनवाई हो। मोहल्ले वालों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी और सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। सवाल अब भी वही है कि आखिर टैक्स वसूलने वाला नगर पालिका प्रशासन लोगों को बुनियादी सुविधाएं कब उपलब्ध कराएगा।
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