अग्रवाल मार्किट के स्टोरों से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिए नमूने, मैडिकल संचालकों में हड़कंप
मुजफ्फरनगर। महावीर चौक स्थित अग्रवाल मार्किट में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान निरीक्षण करने आई टीम ने कई मेडिकल एजेंसियों से नमूने लिए। निरीक्षण के चलते दवाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। कई मेडिकल वाले दुकानों को बंद करके इधर-उधर गायब हो गए। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को शहर में […]
मुजफ्फरनगर। महावीर चौक स्थित अग्रवाल मार्किट में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान निरीक्षण करने आई टीम ने कई मेडिकल एजेंसियों से नमूने लिए। निरीक्षण के चलते दवाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। कई मेडिकल वाले दुकानों को बंद करके इधर-उधर गायब हो गए।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को शहर में प्रसिद्ध अग्रवाल मार्किट में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण करने आई टीम में डीएलए सहारनपुर शशि मोहन गुप्ता, ड्रग्स इंस्पेक्टर मुजफ्फरनगर पावन शाक्य एवं ड्रग्स इंस्पेक्टर शामली निधि पांडे शामिल रहे।
ड्रग्स इंस्पेक्टर मुजफ्फरनगर पवन शाक्य का कहना है कि निरंतर निरीक्षण एवं चीन अभियान से मेडिकल एजेंसी एवं मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाईयों की बिक्री पर रोक लगाई जा सकेगी। उनका कहना है कि इस तरह के निरीक्षण से मेडिकल स्टोर संचालक एवं मेडिकल एजेंसी संचालकों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति एक डर पैदा होगा। जो प्रतिबंधित दवाइयों को रखने में संकोच नहीं करते वह आगे से प्रतिबंधित दवाइयों को रखने के लिए 10 बार सोचेंगे, कि स्वास्थ्य विभाग अचानक चैकिंग या छापेमारी की कार्यवाही न कर दे।
डीएलए सहारनपुर शशि मोहन गुप्ता ने बताया कि मेडिकल स्टोर एवं मेडिकल एजेंसी पर जो अवैध रूप से प्रतिबंधित दवाइयों को बेचने का कारोबार किया जाता है, उनको माननीयो या किसी दबंग युवकों का संरक्षण मिलता है, जिस कारण स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभागों में भ्रष्टाचार पनप रहा है।
उन्होंने कहा कि निरंतर छापेमारी एवं चैकिंग अभियान जैसी कार्रवाई से प्रतिबंधित दवाइयों को रखने वाले स्टोर संचालकों एवं मेडिकल एजेंसी संचालको में एक खौफ रहेगा, जो भ्रष्टाचार को खत्म करने की और इशारा करता है।
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