मुज़फ्फरनगर में मुफ्त सरकारी बारात घर नहीं दिया जा रहा गरीबों को, परिजनों ने डीएम से की शिकायत
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका के तत्वाधान में बनवाए गए बारात घर को बंद कर दिया गया है। बेटियों की शादी निशुल्क किराए वाले सरकारी बारात घर में कराने की गुहार लेकर परिजन जब अधिकारियों के पास पहुंचे, तो इंकार कर दिया गया, जिसको लेकर यहां के स्थानीय लोगों ने डीएम से शिकायत की है। पालिका चेयरपर्सन अंजू […]
पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने अपने कार्यकाल के समय मुफ्त शादी विवाह कार्यक्रम आयोजन के लिए रुड़की रोड पर एक स्थल का निर्माण कराया था। घोषणा की गई थी, कि वहां पर अभावग्रस्त कन्याओं का विवाह नि:शुल्क कराया जाएगा।
जनकपुरी निवासी कृष्णा देवी ने नगर पालिका में आवेदन कर 11 फरवरी को पालिका विवाह स्थल बेटी की शादी के लिए एक दिन को नि:शुल्क आवेदन की गुहार लगाई थी।
कृष्णा देवी का आरोप है कि नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने रुड़की रोड स्थित विवाह समारोह स्थल का आवंटन करने से इंकार कर दिया।
बताया कि एडीएम प्रशासन ने भी अपनी ओर से अनुमति प्रदान कर दी थी, लेकिन ईओ स्वीकृति नहीं दें रहे हैं।
कृष्णादेवी के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे निवर्तमान सभासद अरविंद धनगर और सलेख चंद आदि ने नगरपालिका अधिकारियों पर आरोप लगाया कि इस मामले में राजनीति की जा रही है। डीएम से इस मामले की शिकायत की गई है।
कहा कि बोर्ड भंग हो गया है, तो गरीब लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 11 और 20 फरवरी को दो अलग-अलग शादियां है। दोनों कन्याओं का परिवार अभावग्रस्त है, जो हाल का महंगा किराया वहन नहीं कर सक
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां