राज्यसभा चुनाव: 26 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित, अब 3 राज्यों की 11 सीटों पर होगा मुकाबला
निर्विरोध निर्वाचित सदस्यों में शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले जैसे बड़े नाम शामिल
नर्द दिल्ली। राज्यसभा की 37 राज्यसभा सीटों के द्विवार्षिक चुनाव में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक तस्वीर अब साफ हो गई है। देश के सात राज्यों में 26 सीटों उतरे सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। इनमें शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले जैसे बड़े नाम शामिल हैं। अब बिहार, हरियाणा और ओडिशा की कुल 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में होने के कारण 16 मार्च को चुनावी 'दंगल' पर सबकी नजरें टिकी हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की थी। नामांकन वापसी प्रक्रिया के बाद सात राज्यों में शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी, केंद्रीय मं रामदास अठावले 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। अब बची हुई तीन राज्यों का 11 सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्य सभा की 11 सीटों पर 14 उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में होने के कारण अभी भी मुकाबला रोचक बना हुआ है। जबकि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की सीटों पर 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गये हैं।
इन सात राज्यों में निर्विरोध चुने गये 26 सदस्य
असम में एनडीए के जोगेन मोहन और तेरश गोवाला तथा यूपीपीएल के प्रमोद बोरो भी निर्विरोध निर्वाचित हुए। महाराष्ट्र की सभी सात सीटों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इनमें सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवार भाजपा नेता विनोद तावड़े, रामराव वाडकुटे और नागपुर की पूर्व महापौर माया इवानते, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ज्योति वाघमारे और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार भी निर्विरोध चुने गए। जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार शरद पवार राज्य सभा में दस्तक दे चुके हैं। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी के चार उम्मीदवार में बाबुल सुप्रियो, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा निर्विरोध चुने गये हैं। तेलंगाना में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं तमिलनाडु की छह सीटों पर डीएमके के तिरुचि शिवा और जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, एआईएडीएमके के थंबी दुरई, पीएमके नेता अंबुमणि सहित, कांग्रेस के एम. क्रिस्टोफर तिलक और डीएमडीके के कोषाध्यक्ष एल.के. सुधीश निर्विरोध चुने गए। छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित हुईं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा निर्वाचित हुए।
ये भी पढ़ें पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर के खिलाफ खत्म की अवमानना की कार्रवाईबिहार, हरयिाणा व ओडिशा में होगा चुनाव?
बिहार की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें राजग से जदयू के नीतीश कुमार व केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, भाजपा के नितिन नवीन व शिवेश कुमार, आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं। जबकि आरजेडी ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा है। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध के अलावा भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल चुनाव मैदान में हैं। इसी प्रकार ओडिशा की चार चार सीटों पर 5 उम्मीदवारों ने चौथी सीट के लिए मुकाबला होगा। ओडीशा में सत्तारूढ़ भाजपा के दो उम्मीदवारों में प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार तथा विपक्षी बीजेडी के संतृप्त मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता मैदान में हैं। जबकि जबकि भाजपा के समर्थन से दिलीप राय ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया है।
तीनों राज्यों में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त
भाजपा ने इन तीन राज्यों में चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिये हैं। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को बिहार, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को हरियाणा तथा महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ओडिशा की सीटों पर 16 मार्च 2026 को संभावित चुनाव के लिये केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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