शामली के जिला अस्पताल में सिस्टम वेंटिलेटर पर: करोड़ों के उपकरण धूल फांक रहे, डॉक्टरों की कमी से गंभीर मरीज रेफर होने को मजबूर
शामली। शामली के जिला संयुक्त चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए आईसीयू वार्ड, बर्न यूनिट और ब्लड बैंक सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। आधुनिक मशीनों और वेंटिलेटर की सुविधा होने के बावजूद प्रशिक्षित चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी के कारण इन महत्वपूर्ण वार्डों पर ताले लटके हुए हैं। नतीजतन, जिले के गंभीर मरीजों को मामूली इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए यहां लगभग अट्ठाइस वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, जो पूरी तरह क्रियाशील हैं। विडंबना यह है कि इन मशीनों को संचालित करने के लिए अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है। विशेष रूप से एनेस्थेटिक्स (निश्चेतक), चेस्ट फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण पदों के रिक्त होने से वेंटिलेटर का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। अस्पताल के छह कर्मचारियों को प्रशिक्षण तो दिलाया गया है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में पूरी व्यवस्था ठप पड़ी है।
यही स्थिति बर्न यूनिट और ब्लड बैंक की भी है। बर्न यूनिट का बुनियादी ढांचा तैयार है, लेकिन समुचित स्टाफ न होने से इसे विधिवत शुरू नहीं किया जा सका है। वर्तमान में सर्जन डॉक्टरों के भरोसे ही झुलसे हुए मरीजों का इलाज सामान्य वार्ड में किया जा रहा है। ब्लड बैंक की फाइल भी लंबे समय से शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इन अव्यवस्थाओं का सीधा फायदा निजी अस्पतालों को मिल रहा है, जो मजबूरी में आने वाले मरीजों से वेंटिलेटर और आईसीयू के नाम पर प्रतिदिन हजारों रुपये वसूल रहे हैं।
ये भी पढ़ें झिंझाना के सतलोक आश्रम में संत रामपाल का 39वां बोध दिवस संपन्न, भक्ति और समाज सुधार का संगमअस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) का कहना है कि चिकित्सकों और विशेषज्ञों की कमी को लेकर अब तक पांच से छह बार उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है। पत्र के माध्यम से एनेस्थिया, कार्डियोलॉजी और नेत्र रोग विशेषज्ञों की मांग दोहराई गई है, लेकिन अभी तक शासन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब या नई नियुक्ति नहीं हुई है। जिले के लोग अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर देख रहे हैं कि कब उनके सख्त निर्देशों का असर शामली के इस अस्पताल में दिखाई देगा और गरीबों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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