Mohammed Siraj: भारतीय टी 20 टीम में चयन को लेकर हमेशा बहस रहती है और यह सवाल उठता है कि किसे मौका मिलना चाहिए और किसे नहीं। लेकिन शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में जो तस्वीर सामने आई उसने टीम प्रबंधन की सोच और मैदान की वास्तविकता दोनों को साफ तौर पर सामने रख दिया।
वानखेड़े में मौका और भरोसा
दो साल बाद टी 20 में वापसी
सिराज ने अपना आखिरी टी 20 मुकाबला 30 जुलाई 2024 को खेला था। इसके बाद वह इस प्रारूप से दूर रहे। खुद सिराज का मानना था कि जो खिलाड़ी लगातार टी 20 खेल रहे हैं वही विश्व कप में खेलेंगे। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें मौका मिलेगा क्योंकि वह दो साल से इस प्रारूप में नहीं थे लेकिन हालात ने अलग रास्ता चुना।
फोन कॉल जिसने योजना बदल दी
हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज का नाम टी 20 विश्व कप की शुरुआती योजनाओं में शामिल नहीं था। वह 15 फरवरी को रीयल मैड्रिड और रीयल सोसिडाड का फुटबॉल मैच देखने स्पेन जाने वाले थे। तभी टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव का फोन आया। सिराज ने बाद में बताया कि पहली प्रतिक्रिया यही थी कि यह मजाक लग रहा था। दो दिन बाद ही वह भारतीय टीम के साथ थे।
रणजी ट्रॉफी से मिली तैयारी
मैच के बाद सिराज ने बताया कि वह रणजी ट्रॉफी खेलकर सीधे टीम से जुड़े थे। उसी दौरान बनी लाइन और लेंथ को उन्होंने अमेरिका के खिलाफ मैच में अपनाया। उनका कहना था कि घरेलू क्रिकेट में लगातार गेंदबाजी करने से लय बनी रहती है और वही छोटे प्रारूप में काम आई।
सुबह पता चला कि खेलना है
सिराज ने यह भी बताया कि टीम से जुड़ते समय उन्हें नहीं पता था कि वह प्लेइंग इलेवन में होंगे। मैच वाले दिन सुबह उन्हें बताया गया कि वह खेल रहे हैं। इसके बाद उन्होंने खुद को शांत रखा और सिर्फ इस पर ध्यान दिया कि कैसे बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जाए। दोपहर बाद उन्होंने वीडियो देखकर विपक्षी बल्लेबाजों की तैयारी भी की क्योंकि विश्व कप में बिना तैयारी उतरना संभव नहीं होता।
मैदान के बाहर मानसिक तैयारी
सिराज ने बातचीत में बताया कि उनके फोन पर अब भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वही वालपेपर है जो उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान लगाया था। उनका कहना है कि बड़े मंच पर खेलने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है। भारत के लिए लगभग दस साल खेलने का अनुभव उन्हें ऐसे ही मौकों के लिए तैयार करता है।

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