औरैया दोहरा हत्याकांड: पूर्व MLC कमलेश पाठक को 6 साल की सजा, 8 अन्य को 5-5 साल की जेल

औरैया। बहुचर्चित डबल मर्डर प्रकरण में मंगलवार को बड़ा फैसला सामने आया। पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां गैंग्स्टर एक्ट के तहत सजा सुनाई गई। न्यायालय ने मुख्य दोषी कमलेश पाठक को छह वर्ष की सजा के साथ एक लाख रुपये का अर्थदंड दिया, जबकि अन्य आठ दोषियों को पांच-पांच वर्ष की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, इस मामले में दोषी कमलेश पाठक के गनर अवनीश प्रताप को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
गौरतलब है कि, 15 मार्च 2020 को औरैया नगर के पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई और पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमें चालक और गनर भी शामिल थे। जांच के बाद विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके साथ ही कई आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट (एफटीसी द्वितीय) में विचाराधीन था।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने गैंगस्टर एक्ट में दोष सिद्ध होने पर सजा का ऐलान किया। फिलहाल सभी दोषी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में ही रहेंगे। वहीं, डबल मर्डर का मुख्य मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है और उस पर अंतिम फैसला आना बाकी है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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