बरेली की प्लाई फैक्टरी पर आयकर का बड़ा छापा, यूपी से उत्तराखंड तक एक साथ कई टीमें कर रहीं जांच
बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली के फरीदपुर क्षेत्र के भगवानपुर फुलवा गांव स्थित पांचजन्य प्लाई बोर्ड फैक्टरी पर गुरुवार तड़के आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब पांच बजे विभाग की गाड़ियों का काफिला फैक्टरी गेट पर पहुंचा और टीम ने अंदर घुसते ही जांच शुरू कर दी। अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की करीब 10 टीमें एक साथ अलग-अलग ठिकानों पर सक्रिय हुईं। फैक्टरी मालिक रवि नोमानी के आवास सहित उनकी अन्य औद्योगिक इकाइयों पर भी दबिश दी गई। बताया जा रहा है कि कार्रवाई का दायरा उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड तक फैले कारोबारी प्रतिष्ठानों तक है। टैक्स चोरी की आशंका के चलते यह समन्वित छापेमारी की गई है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। फैक्टरी परिसर के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अंदर आयकर अधिकारी खातों, कंप्यूटर डाटा और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन पड़ताल में जुटे रहे।
छापेमारी के कारण फैक्टरी का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। सुबह की पाली में पहुंचे मजदूरों को गेट से ही लौटा दिया गया। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ने बताया कि मजदूरों के प्रवेश पर सुरक्षा बलों की ओर से रोक नहीं थी, बल्कि प्रबंधन ने एहतियातन संचालन बंद रखा।
इस हाईप्रोफाइल कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में खलबली मच गई है। कारोबारियों में बेचैनी है और सबकी नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं। फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है। प्लाई बोर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष शेखर अग्रवाल ने कहा कि आयकर विभाग की कार्रवाई से उद्योग जगत में हलचल है। हमारा मानना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। यदि कहीं अनियमितता है तो कानून अपना काम करे, लेकिन ईमानदार कारोबारियों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि इस छापेमारी को लेकर आयकर विभाग की ओर से अधिकृत बयान नहीं दिया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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