आगरा में पांच लाख के मुआवजे पर परिवार ने मार्ग से हटाया शव, खुला जाम
आगरा । एत्मादपुर खंदौली मार्ग पर रविवार को शव रखकर जाम लगाने वाले परिजनों ने पांच लाख रुपये के मुआवजे के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया है। करंट लगने से हुई युवक की मौत पर परिवार ने विद्युत कर्मचारियों को दोषी ठहराया था। इस मामले में कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किये जाने की भी […]
आगरा । एत्मादपुर खंदौली मार्ग पर रविवार को शव रखकर जाम लगाने वाले परिजनों ने पांच लाख रुपये के मुआवजे के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया है।
करंट लगने से हुई युवक की मौत पर परिवार ने विद्युत कर्मचारियों को दोषी ठहराया था। इस मामले में कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किये जाने की भी मांग की।
ये भी पढ़ें रोहित शेट्टी के घर फायरिंग: इंस्टाग्राम रील देखकर लॉरेंस गैंग के मुरीद हुए आगरा के युवक, 7 गिरफ्तारएत्मादपुर खंदौली में रविवार को बिजली लाइन के सम्पर्क में आने से हुई मनीष की मौत के मामले में परिजनों ने मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस के समझाने के बावजूद परिजनों ने एसडीओ एत्मादपुर और जेई कुबेरपुर को बुलाये जाने की मांग रखी थी।
ये भी पढ़ें इंस्टाग्राम पर खुजली की गोलियां खाकर बनाया था ड्रामा ..सुसाइड वीडियो अपलोड करने वाले युवक की बची जानइस जाम की सूचना पर एसीपी रवि गुप्ता, एसडीएम अभय सिंह, खंदौली एसडीओ पीके सिंह और एत्मादपुर एसडीओ देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने उनसे आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किये जाने की मांग के साथ मुआवजे की मांग की। इसके पश्चात अधिकारीयों ने पांच लाख के मुआवजे के आश्वासन के बाद परिजनों ने मार्ग से शव हटाया।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां