आगरा में रामचरित मानस पर टिप्पणी के मामले में विश्व हिन्दू परिषद ने फूंका स्वामी प्रसाद मौर्या का पुतला
आगरा। आगरा के साई का तकिया चौराहे पर विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने सपा नेता का पुतला फूंका। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के रामचरित मानस पर अभद्र टिप्पणी दिए जाने के चलते कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराज़गी जताई। कार्यकर्ताओं ने सपा नेता से माफ़ी मांगे जाने की भी बात कही। आगरा में आज गुरुवार […]
आगरा। आगरा के साई का तकिया चौराहे पर विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने सपा नेता का पुतला फूंका। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के रामचरित मानस पर अभद्र टिप्पणी दिए जाने के चलते कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराज़गी जताई। कार्यकर्ताओं ने सपा नेता से माफ़ी मांगे जाने की भी बात कही।
कार्यकर्ताओं ने सर्वप्रथम सपा नेता के पुतले की जूते- चप्पलों से पिटाई की। जिसके पश्चात कार्यकर्ताओं ने सपा नेता के पुतले को आग लगा दी। कायकर्ताओं ने इस दौरान सपा नेता की टिप्पणी के खिलाफ नाराज़गी जाहिर की। कार्यकर्ताओं ने सपा नेता द्वारा हिन्दूवादियाें की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाये जाने के लिए सभी हिन्दुओं से माफ़ी मांगने की बात कही।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां