बागपत: गणतंत्र दिवस पर लोकार्पित संविधान पार्क, नागरिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक

बागपत। गणतंत्र दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर बड़ौत नगर पालिका परिसर में विकसित संविधान पार्क का लोकार्पण जनपद के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण बन गया। यह पार्क संविधान, नागरिक कर्तव्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी सोच और सामाजिक जागरूकता, इन सभी का समेकित प्रतीक बनकर उभरा है। लोकार्पण कार्यक्रम में यूपी सरकार के राज्यमंत्री केपी मलिक, नगर पालिका अध्यक्ष बबीता तोमर तथा जिलाधिकारी अस्मिता लाल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
 
विशाल आकार में स्थापित संविधान की पुस्तक: 
पार्क का केंद्रीय आकर्षण विशाल आकार में स्थापित संविधान की पुस्तक एवं उसकी प्रस्तावना है। 11 फीट ऊँचाई और 14 फीट चौड़ाई वाली यह संरचना न केवल आकार में भव्य है बल्कि अपने संदेश में भी अत्यंत प्रभावशाली है। लगभग 600 किलोग्राम वजनी यह प्रतिकृति रिसाइकल्ड मटीरियल से निर्मित है जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है। यहाँ आने वाला प्रत्येक नागरिक संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व—को पढ़ते हुए उनसे सीधा संवाद करता प्रतीत होता है। यह स्थापना युवाओं और विद्यार्थियों के लिए खुली पाठशाला की तरह है, जहाँ लोकतंत्र के सिद्धांत दृश्य रूप में समझ आते हैं।
 
संवैधानिक अधिकारों एवं नागरिक कर्तव्यों के बोर्ड
पार्क के विभिन्न हिस्सों में आकर्षक डिज़ाइन वाले संवैधानिक अधिकारों एवं नागरिक कर्तव्यों के बोर्ड लगाए गए हैं। ये बोर्ड न केवल जानकारी देते हैं, बल्कि नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में कर्तव्यों के पालन के लिए प्रेरित भी करते हैं। स्वच्छता, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सद्भाव और संविधान के सम्मान जैसे विषयों को सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा 
संविधान पार्क की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा का व्यापक उपयोग। आमतौर पर जो कचरा गलियों और सड़कों को प्रदूषित करता है, वही यहाँ रचनात्मक रूप लेकर समाज को प्रेरित कर रहा है। रिसाइकल्ड सामग्री से बनी संरचनाएँ यह संदेश देती हैं कि यदि इच्छाशक्ति और नवाचार हो, तो कचरा भी संसाधन बन सकता है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन की भावना को भी सुदृढ़ करती है।
 
पार्क में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चरखा
पार्क में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चरखा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी आंदोलन की अमिट याद दिलाता है। यह चरखा भी वेस्ट मटीरियल से निर्मित है और रचनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। चरखा यह संदेश देता है कि स्थानीय संसाधनों और श्रम के सम्मान से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। युवाओं के लिए यह प्रतीक प्रेरणा है कि आत्मनिर्भर भारत केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन शैली है।
वाटर कियोस्क पार्क को विशिष्ट पहचान
बागपत के प्राचीन नाम व्याघप्रस्थ की थीम पर विकसित वाटर कियोस्क पार्क को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। ये कियोस्क न केवल शीतल पेयजल उपलब्ध कराते हैं, बल्कि जनपद की ऐतिहासिक विरासत को भी आधुनिक शहरी डिज़ाइन से जोड़ते हैं। यह नवाचार बताता है कि विकास की दौड़ में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संजोना कितना आवश्यक है।
 
संविधान पार्क में स्थापित बुक पॉइंट्स ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। यहाँ बैठकर पढ़ने की सुविधा युवाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को समान रूप से आकर्षित करती है। पुस्तकें केवल जानकारी नहीं देतीं, बल्कि सोच को दिशा देती हैं—और यही इस पहल का उद्देश्य है। यह पार्क धीरे-धीरे ओपन लाइब्रेरी जैसी पहचान बनाता जा रहा है। यहां सूचना विभाग द्वारा योजनाओं की जानकारी से युक्त पुस्तकें एवं अन्य सामग्री भी उपलब्ध है।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत के लिए जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जहां जिलाधिकारी ने हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर बाल अधिकारों की मजबूती का संकल्प दोहराया।
 
लोकार्पण के बाद पार्क में पहुँचे नागरिकों में उत्साह देखते ही बनता था। युवाओं ने सेल्फी लीं, परिवारों ने समय बिताया और बच्चों ने खेल-खेल में संविधान और नागरिक कर्तव्यों के बारे में जाना। यह दृश्य बताता है कि जब संदेश को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, तो वह सहज रूप से लोगों के दिल तक पहुँचता है। संविधान पार्क शहरी सौंदर्यीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ हर तत्व का उद्देश्य स्पष्ट है। हरियाली, खुले स्थान, कलात्मक संरचनाएँ और जागरूकता के संदेश—ये सभी मिलकर पार्क को लोकतांत्रिक शिक्षा का जीवंत केंद्र बनाते हैं।
 
यह पहल अन्य नगर निकायों के लिए भी अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करती है। यह पार्क नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाते हुए एक बेहतर, जिम्मेदार और संवैधानिक समाज की दिशा में प्रेरित करता रहेगा। सीमित संसाधनों में नवाचार, रिसाइक्लिंग और जनसरोकारों को जोड़कर किया गया यह प्रयास यह सिद्ध करता है कि इच्छाशक्ति हो तो सार्वजनिक स्थानों को सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर एसडीएम बागपत भावना सिंह, अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार रस्तोगी, नगर पालिका अध्यक्ष बबीता तोमर सहित आदि उपस्थित रहे।
 
 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)

Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru

आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।

टिप्पणियां

नवीनतम

यूजीसी कानून भाजपा का एक और जुमला है: सांसद हरेंद्र मलिक

मुजफ्फरनगर। यूजीसी कानून को लेकर बढ़ते विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक...
मुज़फ़्फ़रनगर 
यूजीसी कानून भाजपा का एक और जुमला है: सांसद हरेंद्र मलिक

मेरठ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक, अस्पताल व्यवस्थाओं और टीबी जांच पर जोर

  मेरठ। आज विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डा0 वी0के0 सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत   सीएचसी,...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
मेरठ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक, अस्पताल व्यवस्थाओं और टीबी जांच पर जोर

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश और ओलावृष्टि, किसानों में चिंता

नोएडा। जनपद गौतमबुद्व नगर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मंगलवार सुबह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया।...
दिल्ली NCR  नोएडा 
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश और ओलावृष्टि, किसानों में चिंता

मुजफ्फरनगर में काली नदी में मृत गोवंश मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

मुजफ्फरनगर। जनपद में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से लगातार मृत गोवंश मिलने की घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी...
मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर में काली नदी में मृत गोवंश मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

कमजोर हो रही हैं आंखें? इन आयुर्वेदिक नेत्र व्यायामों से बढ़ाएं रोशनी

   नई दिल्ली। आज के दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। घंटों स्क्रीन देखने...
लाइफस्टाइल 
कमजोर हो रही हैं आंखें? इन आयुर्वेदिक नेत्र व्यायामों से बढ़ाएं रोशनी

उत्तर प्रदेश

मेरठ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक, अस्पताल व्यवस्थाओं और टीबी जांच पर जोर

  मेरठ। आज विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डा0 वी0के0 सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत   सीएचसी,...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
मेरठ: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक, अस्पताल व्यवस्थाओं और टीबी जांच पर जोर

सहारनपुर में UGC कानून के खिलाफ सवर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन

सहारनपुर। UGC कानून के विरोध में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने...
उत्तर प्रदेश  सहारनपुर 
सहारनपुर में UGC कानून के खिलाफ सवर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन

77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के नमो भारत स्टेशनों पर तिरंगे की रोशनी और 'वंदे मातरम्' का उत्सव

मेरठ। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली राष्टीय पर्व पर समूचा देश देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस खास...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के नमो भारत स्टेशनों पर तिरंगे की रोशनी और 'वंदे मातरम्' का उत्सव

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुलपति ने गणतंत्र दिवस पर युवाओं को राष्ट्र सेवा हेतु प्रेरित किया

मेरठ। चाणक्य, स्वामी विवेकानंद और चौधरी चरण सिंह जी के सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर युवा राष्ट्र सेवा को अपने जीवन...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में कुलपति ने गणतंत्र दिवस पर युवाओं को राष्ट्र सेवा हेतु प्रेरित किया