जयन्त चौधरी ने बागपत में एआई आधारित अपैरल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का किया उद्घाटन

बागपत। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने गुरुवार को बागपत में चौधरी अजीत सिंह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) फॉर डिजाइन एंड फैशन टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया। इस एआई आधारित केंद्र के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस केंद्र की स्थापना अपैरल मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग स्किल काउंसिल (एएमएचएसएससी) द्वारा की गई है। उद्घाटन अवसर पर मंत्रालय और परिषद के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
चौधरी ने कहा कि यह केंद्र कौशल विकास को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि अपैरल क्षेत्र देश में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने वाला सेक्टर है और इस तरह के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नए रास्ते खोलेंगे।
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एएमएचएसएससी के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. ए. सक्थिवेल ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को भविष्य के फैशन और अपैरल उद्योग के लिए तैयार करेगा, जहां एआई आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कुशल कार्यबल विकसित किया जाएगा।
करीब 9,000 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित इस केंद्र पर लगभग पांच करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यहां तीन स्मार्ट क्लासरूम, 43 आधुनिक सिलाई मशीनें (जिनमें आठ एआई आधारित), सीएडी-सीएएम सिस्टम, 3डी डिजाइन सॉफ्टवेयर, डिजिटल वर्कस्टेशन तथा कंप्यूटरीकृत एंब्रॉयडरी यूनिट की सुविधा उपलब्ध है।
केंद्र में आठ प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमें सिलाई मशीन ऑपरेटर, फैशन डिजाइनिंग और एआई आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। एआई आधारित सिलाई मशीनें कपड़े की प्रकृति के अनुसार स्वतः सेटिंग समायोजित कर कार्य को तेज और त्रुटिरहित बनाती हैं।
एएमएचएसएससी के सीईओ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि यह केंद्र विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक होगा। इससे उन्हें कौशल के साथ आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त होगी तथा वे रोजगार के साथ उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ एमएसएमई क्षेत्र को नई तकनीक अपनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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