मुज़फ्फरनगर में बिंदल ग्रुप पर आयकर विभाग का महा-अभियान: 18 करोड़ की नगदी-जेवर बरामद, 171 करोड़ की टैक्स कटौती पर गहराया शक
तीसरे दिन भी छापेमारी जारी; कागजों में 50 करोड़ की फर्जी खरीद और अघोषित बिक्री का दावा, पहले भी जब्त हुए थे करोडो के जेवर, हुए थे बाद में वापस, शादी के जश्न में भी हुई थी 'रेकी'

मुजफ्फरनगर। जनपद के प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने 'बिंदल ग्रुप' (मेसर्स बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड) और उनके निदेशकों के आवास व संस्थानों पर आयकर विभाग की छापेमारी शुक्रवार सुबह खबर लिखे जाने तक भी लगातार जारी है। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई ने जिले के व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा रखा है। विभाग के सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में 3 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी और 15 करोड़ रुपये से अधिक के कीमती आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।
लेखा-पुस्तकों में भारी अनियमितता
आयकर विभाग की टीम ने दूसरे दिन ग्रुप के प्रमुख कर्मचारियों, जिनमें आंतरिक लेखाकार और विद्युत संयंत्र के महाप्रबंधक शामिल हैं, के बयान दर्ज किए। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कागज इकाई, विद्युत संयंत्र और चीनी मिल के लिए अलग-अलग लेखा-पुस्तकें (Balance Sheets) नहीं रखी जा रही थीं। केवल समेकित (Consolidated) रिकॉर्ड ही पाए गए हैं।
ये भी पढ़ें मध्य प्रदेश: एडीजी राजा बाबू ने बताया जान को खतरा, पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर मांगी सुरक्षाइस लापरवाही या जानबूझकर की गई हेराफेरी के कारण आयकर अधिनियम की धारा 80आईए के तहत दावा की गई ₹171.3 करोड़ रुपये की टैक्स कटौती अब विभाग के रडार पर है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह दावा नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है, जिसे निरस्त किया जा सकता है।
चीनी और कागज क्षेत्र में लाभ छिपाने का आरोप
जांच में गन्ने की खोई (Bagasse) और अन्य कच्चे माल की भारी मात्रा में अघोषित खरीद का पता चला है। जिसमे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। कागज उत्पादन से संबंधित ₹50 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध या फर्जी खरीद के दस्तावेज भी विभाग के हाथ लगे हैं। विभाग का मानना है कि समूह ने चीनी और कागज दोनों ही क्षेत्रों में अपना वास्तविक लाभ छिपाने के लिए अघोषित बिक्री का सहारा लिया है।
'शिवा वेड्स गौरी' के स्टिकर से शुरू हुआ था ऑपरेशन
गौरतलब है कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे आयकर अधिकारी 'शिवा वेड्स गौरी' के स्टिकर लगी निजी गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे थे, ताकि किसी को भनक न लग सके। एक साथ मुजफ्फरनगर और बिजनौर की 14 इकाइयों, जिनमें बिंदल पेपर्स, टिहरी पेपर्स, शाकुम्भरी पेपर्स और बिजनौर की चांगीपुर चीनी मिल शामिल हैं, पर छापा मारा गया।
दो पूर्व पालिका अध्यक्षों के आवासों पर भी छापे की कार्यवाही जारी
यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के चेयरमैन और बिंदल डुप्लेक्स के एमडी पंकज अग्रवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल के पुत्र अभिषेक अग्रवाल और अन्य साझीदारों के ठिकानों पर भी जांच की आंच पहुंची है। पंकज अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल, शहर के प्रतिष्ठित स्वर्गीय मूलचन्द सर्राफ परिवार से जुड़े हुए है और बिंदल ग्रुप की कंपनियों में लम्बे समय से साझीदार है। मूल चंद सर्राफ के छोटे भाई शिवनारायण के आवास पर भी छापे की कार्यवाही जारी है।
दिल्ली में शादी के जश्न में भी हुई थी 'रेकी'
विभागीय सूत्रों से प्राप्त एक और चौंकाने वाली जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग पिछले कई महीनों से 'बिंदल ग्रुप' की हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखे हुए था। बताया जा रहा है कि विभाग की तैयारी इतनी गुप्त और गहरी थी कि पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित बिंदल परिवार के एक शादी समारोह में भी आयकर विभाग के अधिकारी 'बिन बुलाए मेहमान' बनकर शामिल हुए थे।
ये अधिकारी वहां किसी कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि रेकी (Reiki) के लिए पहुंचे थे। शादी की चकाचौंध के बीच अधिकारियों ने ग्रुप के संपर्कों, खर्चों और नेटवर्क का बारीकी से आकलन किया। यही कारण है कि जब बुधवार सुबह टीम ने धावा बोला, तो उनके पास ग्रुप के हर ठिकाने और लेन-देन की सटीक जानकारी पहले से मौजूद थी।"
12 साल पुराना इतिहास दोहराया गया
बिंदल ग्रुप पर यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी आयकर विभाग ने ग्रुप के ठिकानों पर इसी तरह की बड़ी जांच की थी। उस समय भी बड़ी मात्रा में आभूषण जब्त किए गए थे, जो बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत बिंदल परिवार को वापस हुए थे।
समाचार लिखे जाने तक मुजफ्फरनगर के नई मंडी क्षेत्र और जानसठ रोड स्थित आवासों समेत औद्योगिक इकाइयों पर विभाग की टीमें मुस्तैद हैं और साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) का कार्य चल रहा है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक (Official) बयान जारी नहीं किया गया है। जांच के बीच फैक्ट्रियों का संचालन सामान्य रूप से जारी है। बिंदल आवास पर चार अलग अलग कोठियों में विभाग की अलग अलग टीम डेरा जमाये हुए है।
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मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

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