नोएडा में लव जिहाद के मामले में लापरवाही बरतने पर कोतवाल और विवेचक निलंबित, डीसीपी और एसीपी से भी मांगा जवाब

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट के थाना फेस-3 क्षेत्र में एक दलित महिला के साथ धर्म छिपाकर दोस्ती करने, बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास के मामले में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में उचित कानूनी कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने पर कमिश्नर ने बृहस्पतिवार को थाना प्रभारी और विवेचक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस उपायुक्त (DCP) से स्पष्टीकरण मांगा है और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) समेत अन्य के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है मामला?
मूलरूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली एक दलित महिला, जो नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत है, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि करीब दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिए उसकी जान-पहचान एक युवक से हुई थी। युवक ने खुद को पीड़िता के ही धर्म का और मध्य प्रदेश के मंदसौर का निवासी बताकर दोस्ती की। शादी का झांसा देकर आरोपी महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगा और शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो बना लिए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। जब पीड़िता को पता चला कि आरोपी दूसरे समुदाय का है और उसने धर्म छिपाकर उसे प्यार के जाल में फंसाया है, तो उसने विरोध किया। इसके बाद आरोपी उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने लगा और बाद में नोएडा से फरार हो गया।
पुलिस की लापरवाही पर भड़का आक्रोश
पीड़िता का दावा है कि वह एक महीने से न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काट रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी बीच महिला हिंदू संगठनों के संपर्क में आई। मंगलवार शाम बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाना फेस-3 का घेराव किया और पुलिस पर लापरवाही व महिला एसआई द्वारा बदतमीजी करने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।
जांच में खुली पोल, अधिकारियों पर एक्शन
वरिष्ठ अधिकारियों की जांच में पाया गया कि पुलिस ने मामले में घोर लापरवाही बरती है। प्राथमिकी में 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम' की धारा 5(3) और 'SC/ST एक्ट' की धारा 3(2)5 का समावेश नहीं किया गया था। सुसंगत धाराएं न लगाने के कारण डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं, थाना प्रभारी फेस-3 पुनीत कुमार और विवेचक उप-निरीक्षक प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसीपी सेंट्रल नोएडा-प्रथम उमेश यादव, निलंबित थाना प्रभारी और विवेचक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह को सौंपी गई है। पुलिस आयुक्त के इस कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
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