नोएडा में GST घोटाले पर सर्जिकल स्ट्राइक: 80 बोगस फर्मों का भंडाफोड़, ₹637 करोड़ की हेराफेरी में 9 गिरफ्तार

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। जनपद में कर चोरी के सिंडिकेट के खिलाफ राज्य कर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच के दौरान नोएडा जोन में सक्रिय 80 बोगस फर्में पकड़ी गई हैं, जो केवल कागजों पर चल रही थीं। इस बड़े फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंडों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ऐसे खुला करोड़ों का 'कागजी' खेल
राज्य कर उपायुक्त (प्रशासन) ने बताया कि रेकी और प्रपत्रों की सघन जांच में सामने आया कि 20 फर्में राज्य क्षेत्राधिकार और 60 फर्में केंद्रीय क्षेत्राधिकार के तहत फर्जी दस्तावेजों पर पंजीकृत कराई गई थीं। इन फर्मों का उद्देश्य व्यापार करना नहीं, बल्कि कपटपूर्ण तरीके से आईटीसी (ITC) पास ऑन करना था।
जांच में चौंकाने वाले आंकड़े:
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कुल फर्जीवाड़ा: इन 80 फर्मों ने कुल 1027 फर्मों को ₹637 करोड़ की अवैध आईटीसी पास की।
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नेटवर्क: इस खेल में उत्तर प्रदेश की 455 फर्में और प्रदेश के बाहर की 574 फर्में शामिल हैं।
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बड़ी रिकवरी: विभाग ने अब तक ₹78.27 करोड़ की आईटीसी ब्लॉक कर दी है और ₹1788.99 करोड़ की मांग (Demand) सृजित की है।
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चैन एनालिसिस: बोगस फर्मों के नेटवर्क को डिकोड कर वास्तविक लाभार्थियों की पहचान कर ली गई है, जिनसे ₹162.89 करोड़ की वसूली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जीरो टॉलरेंस: मास्टरमाइंड रडार पर
शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, विभाग ने केवल फर्मों को निरस्त नहीं किया, बल्कि इनके पीछे काम करने वाले असली 'मास्टरमाइंड' को पकड़ने के लिए पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई। अब तक 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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