नोएडा। जनपद गौतमबुद्व नगर में चैत्र नवरात्रि पर्व पर जनपद वासियों को शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी 7 खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संग्रहित की।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि आज खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार एवं विजय बहादुर पटेल की टीम द्वारा कुलेसरा ग्रेटर नोएडा स्थित संतोष ट्रेडर्स पर 240 किग्रा कुट्टू आटा खुला हुआ पाया गया। जिसका बिल बाउचर नहीं पाया गया एवं निर्माण तिथि का अंकन भी मिला।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 250 ग्राम के बिना निर्माण तिथि व बैच नंबर के अंकन के कुट्टू आटा के 244 पैकेट मिले, जिनमें से 1- 1 नमूना लेकर शेष लगभग 238 किग्रा खुला व 240 पैकेट कुट्टू आटा सीज किया गया। उन्होंने बताया कि इसी टीम द्वारा कुलेसरा ग्रेटर नोएडा स्थित मुस्कान ट्रेडर्स पर 70 किग्रा कुट्टू आटा खुला हुआ पाया गया। जिसका बिल बाउचर नहीं पाया गया एवं निर्माण तिथि का अंकन भी नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त 250 ग्राम के बिना निर्माण तिथि व बैच नंबर के अंकन के कुट्टू आटा के 145 पैकेट पाए , जिनमें से 1-1 नमूना लेकर शेष लगभग 70 किग्रा खुला व 141 पैकेट कुट्टू आटा सीज किया गया, इस प्रकार इस टीम द्वारा लगभग 400 किलो कुट्टू आटा सीज किया गया।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह व एसके पांडेय की टीम द्वारा सेक्टर-49 नोएडा स्थित श्री श्याम डीएसबी फुलफिलमेंट सॉल्यूशन से 1 नमूना कुट्टू आटा तथा 1 नमूना सिंघाड़े के आटा का लिया गया। रविंद्र नाथ वर्मा एवं मालती की टीम द्वारा यूनिवर्सिटी रोड कासना स्थित रघुनाथ प्रसाद किराना से किसमिस का
1 नमूना लिया गया । इस प्रकार कुल 7 नमूनें लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गये हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय ने बताया जनपद के सभी खाद्य सामग्री विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई किसी प्रकार की खाद्य सामग्री खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंसी व पंजीकृत आपूर्तिकर्ता से खरीदें तथा खरीद बिल अवश्य लिए जाएं और निर्माण तिथि व बैच नंबर आदि देखकर ही खाद्य सामाग्री प्राप्त करें व उपभोक्ताओं को बिक्री करें। उन्होंने बताया कि आगे भी इसी प्रकार से जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशन में जांच अभियान संचालित करते हुए नमूने संग्रहित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिससे जनपद वासियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध हो सके।
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