बिजनौर: पिकअप में आग लगाने के पीछे 'पाकिस्तानी' साजिश; आरोपी जैद के फोन में मिले 2 पाक नंबर, NIA और ATS की रडार पर 'अबूबकर' का टेरर मॉड्यूल

बिजनौर/किरतपुर। जनपद के किरतपुर में हिंदू व्यक्ति की पिकअप गाड़ी में आग लगाने के मामले ने अब देश की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है। मुख्य आरोपी जैद की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह सीधे तौर पर पाकिस्तानी संपर्कों में था। जैद के मोबाइल फोन से दो पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए (NIA) और एटीएस (ATS) ने जांच की कमान संभाल ली है और संदिग्ध 'अबूबकर' नाम के हैंडलर की तलाश तेज कर दी है।
टेलीग्राम ग्रुप के जरिए फैलाया जा रहा था नफरत का जाल
जांच में सामने आया है कि जैद पिछले एक साल से टेलीग्राम के माध्यम से 'अबूबकर' नाम के व्यक्ति से जुड़ा था। अबूबकर ने एक ग्रुप बना रखा था, जिसमें यूपी, बिहार और दिल्ली के एक दर्जन से अधिक युवक जुड़े थे। इस ग्रुप में हिंदुओं के प्रति भड़काऊ पोस्ट डालकर धार्मिक भावनाएं भड़काई जाती थीं और युवाओं को लालच देकर हिंसक घटनाओं के लिए उकसाया जाता था। अबूबकर खुद को सुरक्षित रखने के लिए जर्मनी के वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल कर रहा था।
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ये भी पढ़ें संकल्प से सिद्धि केवल नारा नहीं बल्कि सरकार की कार्यशैली व प्रतिबद्धता का प्रतीक: कपिल देव अग्रवालपुलिस के अनुसार, अबूबकर के उकसाने पर ही किरतपुर निवासी अबुजर राइन ने 4 मार्च को निमिष रस्तोगी की पिकअप में आग लगाई थी और उसका वीडियो जैद को भेजा था। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी मॉड्यूल ने मुंबई के पनवेल में भी एक ऐसी ही घटना को अंजाम दिया था। अबुजर की गिरफ्तारी के बाद जैद ने टेलीग्राम ग्रुप डिलीट कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया जा सके।
आईएसआई (ISI) कनेक्शन की आशंका, एजेंसियों की पैनी नजर
सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि 'अबूबकर' पाकिस्तान के किसी प्रतिबंधित आतंकी संगठन या आईएसआई (ISI) से जुड़ा हो सकता है। जैद के फोन में मिले पाकिस्तानी नंबरों की गहनता से जांच की जा रही है कि क्या उसने देश की कोई गोपनीय जानकारी साझा की थी। फिलहाल, एटीएस और एनआईए उन एक दर्जन युवकों की तलाश कर रही है जो इस टेलीग्राम ग्रुप का हिस्सा थे। बिजनौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि देश की अखंडता को चुनौती देने वाली गहरी साजिश है।
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