लखनऊ: अखिलेश यादव का कैबिनेट मंत्री संजय निषाद पर तंज; बोले- "इन आंसुओं को क्या मानें, सत्ता का मोह या मजबूरी?"

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के एक हालिया भावुक वीडियो पर तीखा तंज कसा है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए सरकार में शामिल सहयोगियों की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं।
"मंत्रियों के आंसू बता रहे हैं सरकार की हकीकत" संजय निषाद के भावुक होने और अपनी पीड़ा व्यक्त करने वाले वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब सरकार के मंत्री ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनके पास अपनी बात कहने का मंच नहीं बचा है, तो जनता का क्या हाल होगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि आखिर इन आंसुओं को क्या माना जाए—क्या यह निषाद समाज की उपेक्षा का दर्द है या फिर सत्ता की मलाई छिन जाने का डर?
ये भी पढ़ें प्रयागराज-जौनपुर हाईवे पर भीषण हादसा: रोडवेज बस खड़े ट्रक से टकराई, चालक की मौत, 9 यात्री घायलगठबंधन की दरारों पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने इस मौके पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच चल रही कथित खींचतान पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने सहयोगियों का इस्तेमाल केवल चुनाव जीतने के लिए करती है और बाद में उन्हें हाशिए पर धकेल देती है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि संजय निषाद की आंखों में आए आंसू असल में उस 'घुटन' का परिणाम हैं, जो एनडीए के सहयोगी दल लंबे समय से महसूस कर रहे हैं।
निषाद समाज की राजनीति में उबाल गौरतलब है कि संजय निषाद आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर अक्सर अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान देते नजर आते हैं। उनके ताजा भावुक अंदाज को विपक्ष ने एक बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव के इस तंज के बाद अब प्रदेश की सियासत में निषाद वोटों को लेकर खींचतान और बढ़ने की संभावना है। सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि 2027 के चुनाव में जनता इन 'आंसुओं' का हिसाब करेगी और भाजपा के साथ-साथ उनके सहयोगियों को भी आइना दिखाएगी।
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