विधानसभा चुनाव के खत्म होते ही सरकार बढ़ा सकती है पेट्रोल-डीजल के दामः राम गोपाल यादव

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने पश्चिम एशिया संघर्ष के भारत पर प्रभाव, महिला आरक्षण और दिल्ली की बिजली दरों पर अपनी राय व्यक्त की। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, "अमेरिका-इजरायल ईरान युद्ध का बुरा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। होटल बंद हो रहे हैं और व्यावसायिक गैस की कीमत 22 रुपये सरकार ने बढ़ा दी है।
राम गोपाल यादव ने कहा कि तेल और पेट्रोल की कमी के कारण ऑयल कंपनी को बहुत घाटा हो रहा है। मुझे लगता है कि भाजपा सरकार चार राज्यों में होने विधानसभा चुनावों के खत्म होते ही 50-60 रुपए प्रति लीटर डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ा सकती है।" दिल्ली की बिजली दरों के बढ़ने के संकेत पर राम गोपाल यादव ने कहा, "सरकार को जनता से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार को सिर्फ उद्योगपतियों की चिंता है कि उनका घाटा न होने पाए।" 13 मार्च को राम गोपाल यादव ने कहा था, "कई जगहों पर लोग पेट्रोल और गैस को लेकर कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। लोगों में डर का माहौल है और यह डर पूरी तरह स्वाभाविक भी है। यह डर इसलिए भी है, क्योंकि कच्चा तेल उन्हीं क्षेत्रों से आता है जहां इस समय युद्ध चल रहा है।" राम गोपाल यादव ने कहा था, "हम घरेलू स्तर पर कितना उत्पादन करते हैं? हमारी अपनी उत्पादन क्षमता बहुत कम है।
हमारे कुल उपभोग का 4–5 प्रतिशत भी नहीं। जिन इलाकों से तेल निकलता है, वहीं इस समय युद्ध हो रहा है और वहां से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में अगर कोई यह कहे कि देश में किसी तरह की कमी नहीं होगी, तो यह पूरी तरह सच नहीं कहा जा सकता।" 17 मार्च को रामगोपाल यादव ने राज्य सभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर कहा था, "यह स्थिति तब पैदा होती है, जब विधानसभा अध्यक्ष सत्ताधारी दल का होता है और वही दूसरी पार्टियों के विधायकों को प्रभावित करता है। किसी भी पार्टी के लिए अपने सदस्यों को पूरी तरह बांधकर रखना संभव नहीं है, लेकिन भाजपा जिस तरह से काम कर रही है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भाजपा का इतिहास अन्य दलों को तोड़ने और सरकारें गिराने का रहा है।"
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