टीवी में मिलेगा इन-बिल्ट सेट-टॉप बॉक्स, 450 चैनल मुफ्त देख सकेंगे दर्शक

नई दिल्ली। सरकार ने आज ऐसी तीन पहलों की शुरूआत की जिनके तहत देश में बनने वाले सभी टेलीविजन सेटों में अनिवार्य रूप से सेट टॉप बॉक्स लगा हुआ आएगा जिससे चार सौ से अधिक टीवी चैनल निःशुल्क देखे जा सकेंगे। राष्ट्रीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कौशल पहल के तहत कंटेट निर्माण करने वालों को 15 हजार लैब्स के माध्यम से कंटेट रचनात्मक ऑडियो विजुअल कंटेंट के निर्माण में एआई के प्रयोग का प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदर्शन के लिए डिजीटल प्लेटफाॅर्म का शुभारंभ किया गया।
रेल, सूचना प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां रेल भवन में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में माईवेब्स डिजिटल प्लेटफॉर्म, टीवी ट्यूनर एवं एडवांस ईपीजी तथा नेशनल एआई स्किलिंग इनीशिएटिव कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इस मौके पर सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी, यूट्यूब इंडिया एवं गूगल इंडिया के अधिकारी उपस्थित थे।
इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये तीनों पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न को बल प्रदान करतीं हैं जिसमें वह तकनीक एवं तकनीकी मंच के लोकतंत्रीकरण को आवश्यक बताते हैं। प्रधानमंत्री की सोच है कि सभी घरों में निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब टेलीविजन पर विभिन्न चैनलों को देखने के लिए सेट टॉप बॉक्स लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। देश के सभी टेलीविज़न सेट विनिर्माताओं ने सैकड़ों टीवी सेट बाजार में उतार दिये हैं जिनमें सेट टॉप बॉक्स की जगह एक बहुत छोटा का टीवी ट्यूनर कार्ड लगा है और उससे करीब साढ़े चार सौ चैनल निःशुल्क देखे जा सकेंगे।
वैष्णव ने कहा कि इसी प्रकार से माईवेब्स डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत में ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने की पहल को बल मिेलेगा। भारतीय रचनात्मक प्रौद्याेगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के सहयोग से देश में 15000 लैब खोली जाएंगी जिनमें उद्योग, विद्यार्थी और आईआईसीटी, तीनों को एकसाथ लाकर गुणवत्तापूर्ण कंटेट क्रियेशन को बढ़ावा देने एवं उन्हें डिजिटल बाज़ार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल में शुरू की गई क्रियेटर्स कॉर्नर की पहल सफल रही है तथा जल्द ही ऑडियो कंटेट बनाने वाले क्रियेटर्स के लिए आकाशवाणी एवं अन्य डिजीटल प्लेटफॉर्म्स पर मौका उपलब्ध कराया जाएगा।
सूचना प्रसारण सचिव संजय जाजू ने कहा कि तीन मुख्य पहलें- नेशनल एआई स्किलिंग इनिशिएटिव, माईवेब्स प्लेटफॉर्म और टीवी ट्यूनर के साथ एडवांस्ड ईपीजी—सरकार के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने एआई स्किलिंग पहल में अपनी साझीदारी के लिए यूट्यूब और गूगल का आभार व्यक्त किया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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