योगी शासनकाल में 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज हुआ माफ: शाही
उत्तर प्रदेश का 9 वर्षों में बदला चेहरा: कृषि क्षेत्र में हुआ ऐतिहासिक कायाकल्प

देवरिया। योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों में प्रदेश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक कायाकल्प करते हुए 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया है। राज्य की स्थापना के बाद से अब तक की सभी सरकारों की तुलना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषि और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन हुआ है। उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से निकलकर देश के 'सर्वोत्तम' प्रदेश के रूप में स्थापित हो चुका है।
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को देवरिया में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को पेश किया। कृषि मंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले किसान खाद, बिजली और पानी के लिए तरसते थे और हताश होकर आत्महत्या को मजबूर थे। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने सबसे पहले 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का बैंक कर्ज पारदर्शी तरीके से माफ किया। गन्ना किसानों की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमने गन्ना मूल्य को 300 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुंतल किया और अब तक 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है।
खाद्यान्न उत्पादन में बनाया नया कीर्तिमान
प्रेसवार्ता में कृषि मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 547 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। उत्तर प्रदेश आज गेहूं, गन्ना, आम और दूध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य (नंबर-1) बन चुका है।
सिंचाई और तकनीक का विस्तार
सरकार ने दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कर 30 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक पानी पहुँचाया है। कृषि मंत्री ने बताया कि 92 हजार से अधिक पीएम कुसुम सोलर पंप किसानों को 60% सब्सिडी पर दिए गए। वहीं 16 लाख किसानों के नलकूपों के बिजली बिल माफ कर दिए गए हैं, जिसका 3600 करोड़ का भार सरकार उठा रही है। जबकि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत यूपी के 3 करोड़ किसानों को सीधे उनके खातों में 99,500 करोड़ रुपये भेजे गए।
नवाचार और भविष्य की राह
तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार 'ड्रोन दीदी' जैसे नवाचारों को खेत तक पहुँचा रही है। सरकार ने राज्य में खेतीबाड़ी में ड्रोन के प्रयोग के तहत एफपीओ व कृषि स्नातकों को ड्रोन के लिए 40-50 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में कुशीनगर में राज्य का पांचवां राजकीय कृषि विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। शाही ने अंत में कहा कि प्रदेश के 824 विकास खंडों में से 480 में 'किसान कल्याण केंद्र' बनाए जा रहे हैं, जहाँ किसानों को एक ही छत के नीचे प्रशिक्षण, उन्नत बीज और दवाइयां प्राप्त होंगी। एक तरफ योगी सरकार किसानों को कृषि यंत्र, अनुदान पर बीज, मिनीबीज किट आदि देकर सहयोग कर रही है तो दूसरी तरफ किसान भी उत्पादकता का नया इतिहास रच रहे हैं।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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