योगी सरकार का शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने का ऐलान, जुलाई में तीन दिन होगी परीक्षा
यूपीटीईटी-2026 के लिए 27 मार्च से शुरू होंगे आवेदन, युवाओं के लिए शिक्षक बनने का मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बहुप्रतीक्षित उ0प्र0 शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए होने वाली इस परीक्षा के माध्यम से योगी सरकार ने प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आवेदन की खिड़की 27 मार्च 2026 से खुलेगी। अभ्यर्थी 26 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार और शुल्क संबंधी समस्याओं के लिए 1 मई 2026 तक का समय दिया जाएगा। आयोग ने 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।
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आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए इस बार वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था लागू की गई है। अभ्यर्थियों को पहले ओटीआर प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद ही वे यूपीटीईटी के लिए आवेदन कर पाएंगे। इस डिजिटल सिस्टम से न केवल फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी, बल्कि भविष्य में होने वाली शिक्षक भर्तियों में भी अभ्यर्थियों को बार-बार विवरण भरने की जरूरत नहीं होगी।
पारदर्शिता और तेजी पर जोर
उप सचिव संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि आयोग का मुख्य फोकस योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों का चयन करना है। इस बार डिजिटल सिस्टम को और अधिक उन्नत बनाया गया है ताकि परीक्षा परिणाम और भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। अभ्यर्थियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें।
शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर
यूपीटीईटी-2026 का ऐलान होने से प्रदेश के उन युवाओं में भारी उत्साह है जो पिछले काफी समय से इस पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि समयबद्ध तरीके से परीक्षा आयोजन से आगामी शिक्षक भर्तियों का रास्ता साफ होगा और परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने में तेजी आएगी।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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